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उतराखंड संस्कृत अकादमी ने किया संस्कृत नाटक
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:00 PM IST
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कर्णप्रयाग। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से महाभारत की कथा पर आधारित मास प्रणीत उरूभंड्गंम नाटक का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस दौरान पात्रों के शानदार संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नगर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में गढ़वाल विश्व विद्यालय श्रीनगर के असि. प्रोफेसर डा. अजीत पंवार, दिनेश भट्ट के निर्देशन तथा जय प्रकाश राणा के संगीत के सुरों पर कलाकारों ने भीम द्वारा दुर्योधन की जंघा तोड़ने का मंचन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य रेनू नेगी ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी मातृभूमि की संस्कृति की परिचायक है। उन्होंने केेंद्र और राज्य सरकार से संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया। संस्कृत नाटक के संयोजक डा. हरीश चंद्र गुरुरानी ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी पूरे राज्य में नाटकों के माध्यम से संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार करती है। इस मौके पर सभाषद अनिता नेगी और चेतन मनूड़ी, संस्कृत महा विद्यालय जोशीमठ के पूर्व प्राचार्य राजेंद्र सिंह भंडारी, रंगकर्मी कांती प्रसाद डिमरी, बालकृष्ण उपाध्याय, डा. चंद्र शेखर तिवारी, गोविंद सिंह तोपाल, एसपी खंडूड़ी, निमिलिता नेगी, बीएन डिमरी सहित सेकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
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नगर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में गढ़वाल विश्व विद्यालय श्रीनगर के असि. प्रोफेसर डा. अजीत पंवार, दिनेश भट्ट के निर्देशन तथा जय प्रकाश राणा के संगीत के सुरों पर कलाकारों ने भीम द्वारा दुर्योधन की जंघा तोड़ने का मंचन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य रेनू नेगी ने कहा कि संस्कृत भाषा हमारी मातृभूमि की संस्कृति की परिचायक है। उन्होंने केेंद्र और राज्य सरकार से संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया। संस्कृत नाटक के संयोजक डा. हरीश चंद्र गुरुरानी ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी पूरे राज्य में नाटकों के माध्यम से संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार करती है। इस मौके पर सभाषद अनिता नेगी और चेतन मनूड़ी, संस्कृत महा विद्यालय जोशीमठ के पूर्व प्राचार्य राजेंद्र सिंह भंडारी, रंगकर्मी कांती प्रसाद डिमरी, बालकृष्ण उपाध्याय, डा. चंद्र शेखर तिवारी, गोविंद सिंह तोपाल, एसपी खंडूड़ी, निमिलिता नेगी, बीएन डिमरी सहित सेकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
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