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विभिन्न मांगों पर भोजनमाताओं ने भरी हुंकार
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/विकासनगर।
विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन ने सहसपुर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मांगों के समर्थन में उन्होंने बीईओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष ललिता सैनी ने कहा लंबे समय से भोजन माताएं सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत भविष्य निधि और बीमा की सुविधा देने की मांग कर रही हैं। लेकिन उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने 45वें और 46वें श्रम सम्मेलन में पारित प्रस्तावों की संस्तुति को तत्काल लागू करने, मध्याह्न भोजन योजना के निजीकरण पर रोक लगाने, भोजन माताओं को अविलंब दीपावली के बोनस का भुगतान करने समेत राज्य सरकार की ओर से 3000 सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की। ब्लॉक महामंत्री कमलेश ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
प्रदर्शन करने वालों में सीटू के जिला सचिव लेखराज, पूर्व ग्राम प्रधान सुंदर थापा, संजीदा, सलमा, सुरेश कुमारी, मंजू, मेहराज, चमन देई, शहनाज, बाला, सबरी आदि शामिल रहे।
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विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन ने सहसपुर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मांगों के समर्थन में उन्होंने बीईओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
यूनियन की ब्लॉक अध्यक्ष ललिता सैनी ने कहा लंबे समय से भोजन माताएं सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत भविष्य निधि और बीमा की सुविधा देने की मांग कर रही हैं। लेकिन उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने 45वें और 46वें श्रम सम्मेलन में पारित प्रस्तावों की संस्तुति को तत्काल लागू करने, मध्याह्न भोजन योजना के निजीकरण पर रोक लगाने, भोजन माताओं को अविलंब दीपावली के बोनस का भुगतान करने समेत राज्य सरकार की ओर से 3000 सरकारी स्कूलों को बंद करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की। ब्लॉक महामंत्री कमलेश ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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प्रदर्शन करने वालों में सीटू के जिला सचिव लेखराज, पूर्व ग्राम प्रधान सुंदर थापा, संजीदा, सलमा, सुरेश कुमारी, मंजू, मेहराज, चमन देई, शहनाज, बाला, सबरी आदि शामिल रहे।
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