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जलि पंचायत के गेस्ट हाउस में चल रहा स्कूल
Updated Sat, 24 Feb 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/साहिया।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया को सात साल बाद भी भवन नसीब नहीं हो सका है। इसके चलते इंटर कॉलेज की कक्षाएं जिला पंचायत के गेस्ट हाउस लगती हैं।
वर्ष 2010 में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया की स्थापना हुई था। उस वक्त भवन के अभाव में फौरी तौर पर कक्षाएं पांच कमरों वाले गेस्ट हाउस में शुरू कर दी गईं। वर्तमान में यहां 320 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कमरों के अभाव में कक्षाएं बरामदे और खुले आसमान के नीचे लगानी पड़ रही हैं। बारिश के दिनों में काफी अव्यवस्था हो जाती है। एक कमरे में दो-दो कक्षाओं की छात्राओं को बैठना पड़ता है। इसके चलते शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
प्रधानाचार्य बीना राणा ने कहा कि पांच कमरों में सात कक्षाएं संचालित करना मुश्किल है। इसके अलावा लैब, स्टॉफ रूम, कार्यालय और किचन के लिए भी कमरों की जरूरत है। कमरों के अभाव में काफी दिक्कतें हो रही हैं। जगह के अभाव में छात्राओं के लिए फर्नीचर की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष नारायण सिंह तोमर, ग्राम प्रधान मोहन शर्मा, अमर ससिंह चौहान आदि का कहना है कि आनन-फानन में स्कूल तो खोल दिया गया, लेकिन अभी तक भवन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। यह विद्यालय जनजातीय क्षेत्र का एक मात्र बालिका इंटर कॉलेज है। बीईओ आरएस राणा ने कहा कि जमीन चयन के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया को सात साल बाद भी भवन नसीब नहीं हो सका है। इसके चलते इंटर कॉलेज की कक्षाएं जिला पंचायत के गेस्ट हाउस लगती हैं।
वर्ष 2010 में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया की स्थापना हुई था। उस वक्त भवन के अभाव में फौरी तौर पर कक्षाएं पांच कमरों वाले गेस्ट हाउस में शुरू कर दी गईं। वर्तमान में यहां 320 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कमरों के अभाव में कक्षाएं बरामदे और खुले आसमान के नीचे लगानी पड़ रही हैं। बारिश के दिनों में काफी अव्यवस्था हो जाती है। एक कमरे में दो-दो कक्षाओं की छात्राओं को बैठना पड़ता है। इसके चलते शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
प्रधानाचार्य बीना राणा ने कहा कि पांच कमरों में सात कक्षाएं संचालित करना मुश्किल है। इसके अलावा लैब, स्टॉफ रूम, कार्यालय और किचन के लिए भी कमरों की जरूरत है। कमरों के अभाव में काफी दिक्कतें हो रही हैं। जगह के अभाव में छात्राओं के लिए फर्नीचर की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष नारायण सिंह तोमर, ग्राम प्रधान मोहन शर्मा, अमर ससिंह चौहान आदि का कहना है कि आनन-फानन में स्कूल तो खोल दिया गया, लेकिन अभी तक भवन की व्यवस्था नहीं हो सकी है। यह विद्यालय जनजातीय क्षेत्र का एक मात्र बालिका इंटर कॉलेज है। बीईओ आरएस राणा ने कहा कि जमीन चयन के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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