{"_id":"5a904c164f1c1b4e588ba723","slug":"15194063208-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजधानी आंदोलन के लिए रामलीला मैदान में जुट रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजधानी आंदोलन के लिए रामलीला मैदान में जुट रहे लोग
Updated Fri, 23 Feb 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गैरसैंण। स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग को लेकर चल रहा आमरण अनशन और आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान भारी संख्या में महिला मंगल दल, व्यापारी तथा प्रदेश के अन्य जिलों से भी आंदोलन को समर्थन देने लोग पहुंचे। लोगों ने कहा कि गैरसैंण राजधानी ही पहाड़ी प्रदेश की परिकल्पना को सार्थक साबित करती है।
78 दिनों से चल रहे आंदोलन और आमरण अनशन के छठवें दौर में बैठे प्रवीण कुमार सिंह (34) और रवि भारती (24) ने कहा कि जब तक सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती तब तक रामलीला मैदान में आंदोलन जारी रहेगा। अनशनकारियों ने कहा यदि प्रशासन जबरन उठाने की कोशिश करेगा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इधर शुक्रवार को डॉक्टरों ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य जांचा। डा. मनीभूषण पंत न बताया कि अनशनकारियों में डिहाइड्रेशन, वजन दो किलोग्राम करीब कम होना और रक्तचाप अनियंत्रित होना पाया जा रहा है। राजधानी आंदोलन के समर्थन में यहां पहुंचे श्रीनगर, डांग, ऐठाणा से क्षेत्र पंचायत सदस्य रणजीत धनाई, संजय कुमार तथा भिकवाल गांव के पूर्व प्रधान चंद्र सिंह आदि ने कहा कि गैरसैंण राजधानी के लिए पूरे प्रदेश में लोगों को एकत्रित कर आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना देने वालों में कमला पंवार, जसवंत सिंह, महेशी, तुलसी, मंजू विष्ट, सरोज शाह, बृजमोहन राज, वीरेंद्र बिष्ट, धनीराम, लक्ष्मण खत्री, बबीता पांडे, खिमुली, मनवर सिंह, जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन नेगी, व्यापार संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, पवन कुमार और मोहन राम टम्टा आदि शामिल थे।
बैठक कर बनाई रणनीति
संघर्ष समिति ने आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति तैयार की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि राजधानी आंदोलन के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से संपर्क साधा जा रहा है। साथ ही अलग राज्य आंदोलन के समय सक्रिय भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों से रायशुमारी कर आंदोलन को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई। यही नहीं प्रशासन की होने वाली कार्रवाई से निपटने के लिए भी आंदोलनकारियों ने रणनीति बनाई। बैठक में समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट सहित कई लोग शामिल थे।
विज्ञापन
समर्थकों के लिए लगाया लंगर
गैरसैंण। स्थायी राजधानी के लिए आंदोलन में पहुंचने वाले बाहरी समर्थकों के लिए समिति ने लंगर (सांझा चूल्हा) की व्यवस्था की। नगर पंचायत के सभासद पुष्कर कोलखी ने कहा कि स्थायी राजधानी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में गढ़वाल और कुमाऊं के कई क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में समर्थकों के लिए रामलीला मैदान में व्यापारियों और समिति के पदाधिकारियों से चंदा कर लंगर की व्यवस्था की है।
78 दिनों से चल रहे आंदोलन और आमरण अनशन के छठवें दौर में बैठे प्रवीण कुमार सिंह (34) और रवि भारती (24) ने कहा कि जब तक सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती तब तक रामलीला मैदान में आंदोलन जारी रहेगा। अनशनकारियों ने कहा यदि प्रशासन जबरन उठाने की कोशिश करेगा तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इधर शुक्रवार को डॉक्टरों ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य जांचा। डा. मनीभूषण पंत न बताया कि अनशनकारियों में डिहाइड्रेशन, वजन दो किलोग्राम करीब कम होना और रक्तचाप अनियंत्रित होना पाया जा रहा है। राजधानी आंदोलन के समर्थन में यहां पहुंचे श्रीनगर, डांग, ऐठाणा से क्षेत्र पंचायत सदस्य रणजीत धनाई, संजय कुमार तथा भिकवाल गांव के पूर्व प्रधान चंद्र सिंह आदि ने कहा कि गैरसैंण राजधानी के लिए पूरे प्रदेश में लोगों को एकत्रित कर आंदोलन तेज किया जाएगा। धरना देने वालों में कमला पंवार, जसवंत सिंह, महेशी, तुलसी, मंजू विष्ट, सरोज शाह, बृजमोहन राज, वीरेंद्र बिष्ट, धनीराम, लक्ष्मण खत्री, बबीता पांडे, खिमुली, मनवर सिंह, जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन नेगी, व्यापार संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, पवन कुमार और मोहन राम टम्टा आदि शामिल थे।
विज्ञापन
बैठक कर बनाई रणनीति
संघर्ष समिति ने आंदोलन को तेज करने के लिए रणनीति तैयार की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि राजधानी आंदोलन के लिए प्रदेश के अन्य जिलों से संपर्क साधा जा रहा है। साथ ही अलग राज्य आंदोलन के समय सक्रिय भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों से रायशुमारी कर आंदोलन को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई। यही नहीं प्रशासन की होने वाली कार्रवाई से निपटने के लिए भी आंदोलनकारियों ने रणनीति बनाई। बैठक में समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट सहित कई लोग शामिल थे।
विज्ञापन
समर्थकों के लिए लगाया लंगर
गैरसैंण। स्थायी राजधानी के लिए आंदोलन में पहुंचने वाले बाहरी समर्थकों के लिए समिति ने लंगर (सांझा चूल्हा) की व्यवस्था की। नगर पंचायत के सभासद पुष्कर कोलखी ने कहा कि स्थायी राजधानी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में गढ़वाल और कुमाऊं के कई क्षेत्रों से लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में समर्थकों के लिए रामलीला मैदान में व्यापारियों और समिति के पदाधिकारियों से चंदा कर लंगर की व्यवस्था की है।