{"_id":"5a8f27904f1c1b3f658b461d","slug":"15193314332-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन सुरक्षा के साथ अब रोजगार भी देगा वन विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन सुरक्षा के साथ अब रोजगार भी देगा वन विभाग
Updated Fri, 23 Feb 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/ऋषिकेश। नमामि गंगे परियोजना के तहत ढालवाला में श्री देव सुमन पार्क को अपग्रेड कर वन विभाग की ओर से बनाई गई गंगा वाटिका का विधानसभा अध्यक्ष, वन मंत्री और कृषि मंत्री ने संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। इस दौरान वन मंत्री ने वाटिका से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि वाटिका के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बृहस्पतिवार को ढालवाला में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से 28 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई गंगा वाटिका का विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत व कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने लोकार्पण किया। उन्होंने वाटिका में बने इंटरप्रेटेशन सेंटर में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़े चित्रों व अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।
वन मंत्री डा. रावत ने कहा कि वन विभाग अब जंगलों की सुरक्षा के साथ ही लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए विभाग ने ईको टूरिज्म कॉरपोरेशन की स्थापना की है, जिसमें ऋषिकेश समेत पांच सर्किट बनाए गए हैं। ऋषिकेश सर्किट के माध्यम से वन क्षेत्र के अंतर्गत संजय झील व अन्य स्थलों को विकसित कर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा जाएगा। उन्होंने लोगों से गंगा वाटिका के संरक्षण और संवर्धन में विभाग का सहयोग करने की अपील की। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि गंगा वाटिका का लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के तौर पर जबकि चारधाम जाने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को उत्तराखंड की वेशभूषा व खानपान की जानकारी के तौर पर मिल सकेगी।
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने वाटिका को मनोरंजन और रोजगार की दृष्टि से भी अहम बताया। उन्होंने स्थानीय लोगों से वाटिका को गंदगी मुक्त रखने और इसकी सुरक्षा करने की अपील भी की। इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक जयराज, मुख्य वन संरक्षण नमामि गंगे संतोष विजय शर्मा, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक सनातन सोनकर, प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर राहुल, रेंज अधिकारी शिवपुरी स्पर्श काला, प्रकाश शर्मा, डीपी बलूनी, बुद्धि प्रकाश बहुगुणा, बीपी बधानी, वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
खरीदारी के लिए वाटिका में होगा स्टॉल
ढालवाला में तैयार की गई गंगा वाटिका से लोग पहाड़ी उत्पादों की खरीदारी भी कर सकेंगे। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि वन विभाग स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के तहत वाटिका में खरीदारी के लिए स्टॉल की व्यवस्था किए जाने पर विचार कर रहा है। बताया कि इसके अलावा भी विभाग के माध्यम से अन्य इलाकों में युवाओं को रोजगार दिए जाने को महकमा भरसक प्रयास कर रहा है।
पर्यटन विभाग पर कसा तंज
ऋषिकेश। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पर्यटन विभाग पर लोकार्पण कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान तंज कसा। कहा कि पर्यटन विभाग के पास अब कुछ करने के लिए नहीं रह गया है। उनका काम भी अब वन विभाग को ही करना पड़ रहा है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर मंत्रालय के जिम्मेदार मंत्री सतपाल महाराज के लिए कोई टिप्पणी नहीं की।
गंगा वाटिका में यह है खास
शिव ब्लॉक- गंगा वाटिका में स्थापित शिव ब्लॉक में रुद्राक्ष, बेल, बेर, पीली कनेर, मौली श्री, हर श्रृंगार, चंदन, धतूरा आदि प्रजाति के पौधे रोपे गए हैं। इसके अलावा रंगीन फाउंटेन की स्थापना की गई है।
पार्वती ब्लॉक- वाटिका में बने पार्वती ब्लॉक में चंपा, कदंब, चमेली, गुड़हल, ढाक, तुलसी के पौधे रोपे गए हैं। इस ब्लॉक में भी रंगीन फाउंटेन की स्थापना की गई है।
इंटरप्रेटेशन सेंटर- गंगा वाटिका में स्थापित सेंटर में गंगा के किनारों पर विकसित संस्कृति से जुड़े चित्र और उपयोग में आने वाली वस्तुओं के माध्यम से दर्शाया गया है।
पंच प्रयाग की स्थापना- पंच प्रयाग ब्लॉक में गंगा के विष्णु प्रयाग से ऋषिकेश तक के मार्ग को थ्री-डी मॉडल के रूप में दर्शाया गया है। इसके अलावा वाटिका में कैंटीन, वॉकिंग ट्रैक, चिल्ड्रन प्ले एरिया, टॉयलेट ब्लॉक आदि जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
विज्ञापन
वन मंत्री डा. रावत ने कहा कि वन विभाग अब जंगलों की सुरक्षा के साथ ही लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके लिए विभाग ने ईको टूरिज्म कॉरपोरेशन की स्थापना की है, जिसमें ऋषिकेश समेत पांच सर्किट बनाए गए हैं। ऋषिकेश सर्किट के माध्यम से वन क्षेत्र के अंतर्गत संजय झील व अन्य स्थलों को विकसित कर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा जाएगा। उन्होंने लोगों से गंगा वाटिका के संरक्षण और संवर्धन में विभाग का सहयोग करने की अपील की। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि गंगा वाटिका का लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के तौर पर जबकि चारधाम जाने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को उत्तराखंड की वेशभूषा व खानपान की जानकारी के तौर पर मिल सकेगी।
विज्ञापन
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने वाटिका को मनोरंजन और रोजगार की दृष्टि से भी अहम बताया। उन्होंने स्थानीय लोगों से वाटिका को गंदगी मुक्त रखने और इसकी सुरक्षा करने की अपील भी की। इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक जयराज, मुख्य वन संरक्षण नमामि गंगे संतोष विजय शर्मा, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक सनातन सोनकर, प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर राहुल, रेंज अधिकारी शिवपुरी स्पर्श काला, प्रकाश शर्मा, डीपी बलूनी, बुद्धि प्रकाश बहुगुणा, बीपी बधानी, वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
खरीदारी के लिए वाटिका में होगा स्टॉल
ढालवाला में तैयार की गई गंगा वाटिका से लोग पहाड़ी उत्पादों की खरीदारी भी कर सकेंगे। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि वन विभाग स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के तहत वाटिका में खरीदारी के लिए स्टॉल की व्यवस्था किए जाने पर विचार कर रहा है। बताया कि इसके अलावा भी विभाग के माध्यम से अन्य इलाकों में युवाओं को रोजगार दिए जाने को महकमा भरसक प्रयास कर रहा है।
पर्यटन विभाग पर कसा तंज
ऋषिकेश। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पर्यटन विभाग पर लोकार्पण कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान तंज कसा। कहा कि पर्यटन विभाग के पास अब कुछ करने के लिए नहीं रह गया है। उनका काम भी अब वन विभाग को ही करना पड़ रहा है। हालांकि, इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर मंत्रालय के जिम्मेदार मंत्री सतपाल महाराज के लिए कोई टिप्पणी नहीं की।
गंगा वाटिका में यह है खास
शिव ब्लॉक- गंगा वाटिका में स्थापित शिव ब्लॉक में रुद्राक्ष, बेल, बेर, पीली कनेर, मौली श्री, हर श्रृंगार, चंदन, धतूरा आदि प्रजाति के पौधे रोपे गए हैं। इसके अलावा रंगीन फाउंटेन की स्थापना की गई है।
पार्वती ब्लॉक- वाटिका में बने पार्वती ब्लॉक में चंपा, कदंब, चमेली, गुड़हल, ढाक, तुलसी के पौधे रोपे गए हैं। इस ब्लॉक में भी रंगीन फाउंटेन की स्थापना की गई है।
इंटरप्रेटेशन सेंटर- गंगा वाटिका में स्थापित सेंटर में गंगा के किनारों पर विकसित संस्कृति से जुड़े चित्र और उपयोग में आने वाली वस्तुओं के माध्यम से दर्शाया गया है।
पंच प्रयाग की स्थापना- पंच प्रयाग ब्लॉक में गंगा के विष्णु प्रयाग से ऋषिकेश तक के मार्ग को थ्री-डी मॉडल के रूप में दर्शाया गया है। इसके अलावा वाटिका में कैंटीन, वॉकिंग ट्रैक, चिल्ड्रन प्ले एरिया, टॉयलेट ब्लॉक आदि जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।