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सौड़ गांव में टीम के समक्ष जताया ऐतराज
Updated Sun, 18 Feb 2018 10:40 PM IST
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श्रीनगर। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल मार्ग परियोजना से प्रभावित/विस्थापित परिवारों की अंतिम सर्वेक्षण के लिए सौड़ गांव (देवप्रयाग) आई टीम को स्थानीय लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि हर बार प्रशासन और रेल विकास निगम लि. (आरवीएनएल) की टीम कागज और नाम नोटकर ले जाती है, लेकिन आज तक ग्रामीणों का यह नहीं पता कि किसकी जमीन रेल लाइन में जा रही है और कितनी जा रही है।
वर्तमान में रेल लाइन परियोजना के लिए काश्तकारों की भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पूर्व में सर्वेक्षण हो चुका है, लेकिन कहीं कोई प्रभावित न छूट जाए, इसके लिए भू अर्जन विभाग और आरवीएनएल अंतिम सर्वेक्षण करा रहा है। इसके लिए गठित टीम ने 15 फरवरी से अंतिम गणना शुरू कर दी है। रविवार को टीम पौड़ी तहसील के सौड़ गांव सर्वेक्षण के लिए टीम पहुंची। गांव में मौजूद कुलवीर नेगी, गिरीश टोडरिया, लुसुन टोडरिया, धन सिंह, मनीष टोडरिया, नवीन नेगी, सोबन सिंह और राजेंद्र नेगी ने रोष जताया कि गांव में आरवीएनएल और प्रशासन बार-बार वहीं नाम और कागज ले जा रहा है। उनको यह तो बताया जाए कि कौन सी भूमि अधिग्रहीत की जा रही है और कितना मुआवजा देना है। ग्रामीणों के सुझाव पर क्या कार्रवाई नहीं हुई। यह भी जानकारी नहीं दी गई उन्होंने कहा कि जब तक उनकी इन शंकाओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह आगे बात नहीं करेंगे।
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वर्तमान में रेल लाइन परियोजना के लिए काश्तकारों की भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पूर्व में सर्वेक्षण हो चुका है, लेकिन कहीं कोई प्रभावित न छूट जाए, इसके लिए भू अर्जन विभाग और आरवीएनएल अंतिम सर्वेक्षण करा रहा है। इसके लिए गठित टीम ने 15 फरवरी से अंतिम गणना शुरू कर दी है। रविवार को टीम पौड़ी तहसील के सौड़ गांव सर्वेक्षण के लिए टीम पहुंची। गांव में मौजूद कुलवीर नेगी, गिरीश टोडरिया, लुसुन टोडरिया, धन सिंह, मनीष टोडरिया, नवीन नेगी, सोबन सिंह और राजेंद्र नेगी ने रोष जताया कि गांव में आरवीएनएल और प्रशासन बार-बार वहीं नाम और कागज ले जा रहा है। उनको यह तो बताया जाए कि कौन सी भूमि अधिग्रहीत की जा रही है और कितना मुआवजा देना है। ग्रामीणों के सुझाव पर क्या कार्रवाई नहीं हुई। यह भी जानकारी नहीं दी गई उन्होंने कहा कि जब तक उनकी इन शंकाओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह आगे बात नहीं करेंगे।
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