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प्रशासन ने ताला तोड़कर उठाया अनशनकारियों को, भर्ती किया
Updated Sun, 18 Feb 2018 10:28 PM IST
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गैरसैंण। रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठे तीनों आंदोलनकारियों को पुलिस-प्रशासन जबरन उठाने पहुंचा तो उन्होंने खुद को कमरे में कैद कर लिया। तब पुलिस-प्रशासन ने कमरे का ताला तोड़कर उन्हें जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस दौरान आंदोलनकारियों की प्रशासन के साथ तीखी झड़प भी हुई। रविवार सुबह अनशनकारियों के समर्थकों ने बाजार में शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। आंदोलन को उग्र करने के लिए संघर्ष समिति में फेरबदल करते हुए खंसर विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह को राजधानी निर्माण संघर्ष समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। अब रवि भारती आमरण अनशन पर बैठ गए।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर 26 जनवरी से आमरण अनशन किया जा रहा है। 26 से 31 जनवरी तक, 1 से 6 फरवरी, 7 से 11 और 12 से रविवार सुबह तक चार चरणों में 12 अनशनकारियों ने आमरण अनशन किया था। रविवार तड़के प्रशासन भारी महिला पुलिस के साथ मय फोर्स अनशनस्थल पर पहुंचे और अनशनकारियों को जबरन उठाया। इस दौरान अनशनकारियों ने खुद को रामलीला मैदान के एक कमरे में बंद कर लिया। तब एसडीएम स्मृता परमार के नेतृत्व में कमरे का ताला तोड़ा गया और बिजली गुल कर अनशनकारियों को जबरन उठाया गया। इस दौरान अनशनकारियों की प्रशासन के साथ तीखी झड़प भी हुई लेकिन प्रशासन ने उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती करा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया। करीब दस बजे आंदोलनकारियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद वह रामलीला मैदान में पहुंचे। संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन को धार देने के लिए अध्यक्ष पद से सुरेंद्र सिंह बिष्ट को हटाकर नारायण सिंह को अध्यक्ष बनाया गया।
इंसेट
अब रवि भारती बैठे अनशन पर
रविवार देर शाम रामलीला मैदान में राजधानी निर्माण के पांचवें दौर का आमरण अनशन शुरू हुआ। संघर्ष समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष नारायण सिंह और आंदोलनकारी चौखुटिया निवासी रवि भारती ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति का माल्यार्पण किया और रवि भारती आमरण अनशन पर बैठ गए। इस दौरान सुरेंद्र बिष्ट, धनीराम, कमला पंवार, कृष्णा नेगी, मनवर सिंह, रमेश उप्रेती, संजय, पूरन सिंह नेगी, वीरेंद्र जोशी, देवेंद्र, कुलदीप आदि मौजूद थे।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर 26 जनवरी से आमरण अनशन किया जा रहा है। 26 से 31 जनवरी तक, 1 से 6 फरवरी, 7 से 11 और 12 से रविवार सुबह तक चार चरणों में 12 अनशनकारियों ने आमरण अनशन किया था। रविवार तड़के प्रशासन भारी महिला पुलिस के साथ मय फोर्स अनशनस्थल पर पहुंचे और अनशनकारियों को जबरन उठाया। इस दौरान अनशनकारियों ने खुद को रामलीला मैदान के एक कमरे में बंद कर लिया। तब एसडीएम स्मृता परमार के नेतृत्व में कमरे का ताला तोड़ा गया और बिजली गुल कर अनशनकारियों को जबरन उठाया गया। इस दौरान अनशनकारियों की प्रशासन के साथ तीखी झड़प भी हुई लेकिन प्रशासन ने उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती करा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया। करीब दस बजे आंदोलनकारियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद वह रामलीला मैदान में पहुंचे। संघर्ष समिति की बैठक में आंदोलन को धार देने के लिए अध्यक्ष पद से सुरेंद्र सिंह बिष्ट को हटाकर नारायण सिंह को अध्यक्ष बनाया गया।
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अब रवि भारती बैठे अनशन पर
रविवार देर शाम रामलीला मैदान में राजधानी निर्माण के पांचवें दौर का आमरण अनशन शुरू हुआ। संघर्ष समिति के नवनियुक्त अध्यक्ष नारायण सिंह और आंदोलनकारी चौखुटिया निवासी रवि भारती ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति का माल्यार्पण किया और रवि भारती आमरण अनशन पर बैठ गए। इस दौरान सुरेंद्र बिष्ट, धनीराम, कमला पंवार, कृष्णा नेगी, मनवर सिंह, रमेश उप्रेती, संजय, पूरन सिंह नेगी, वीरेंद्र जोशी, देवेंद्र, कुलदीप आदि मौजूद थे।
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