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शिक्षक ने स्कूल में बनाया बैडमिंटन कोर्ट
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:36 PM IST
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कर्णप्रयाग। ब्लाक के दुर्गम राजकीय इंटर कालेज सिलंगी के छात्र-छात्राओं की खेल की प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षक ने स्वयं के संसाधनों से स्कूल परिसर में बैडमिंटन कोर्ट बनवाने की ठानी तो ग्रामीणों ने उनकी इस मुहिम में मदद की। अब स्कूल में बैडमिंटन कोर्ट बनकर तैयार है। यहां प्रतिदिन दस से अधिक बच्चे अभ्यास के लिए पहुंच रहे हैं।
जीआईसी सिलंगी में मई 2016 में कृष्ण चंद्र रावत की व्यायाम शिक्षक के तौर पर तैनाती हुई थी। कृष्ण सिंह रावत बताते हैं कि वर्ष 2016 में हुई स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में छह से अधिक बच्चों ने बिना किसी अभ्यास के जिलास्तर तक और एक बच्चे हिमांशु ने बैडमिंटन प्रतियोगिता में राज्य स्तर तक प्रतिभाग किया। वर्ष 2017 में हिमांशु और अजय ने बैडमिंटन में राज्य स्तर तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की, लेकिन बिना संसाधनों के राज्य स्तर पर यह स्थान हासिल नहीं कर पाए। तब स्वयं के प्रयासों से स्कूल में संसाधन जुटाने का निर्णय लिया। रावत ने बताया कि एक माह पूर्व स्कूल में बैडमिंटन कोर्ट तैयार करवाया, जिस पर करीब 40 हजार रुपये खर्च किए गए। इनमें से करीब 20 हजार रुपयों की ग्रामीणों ने मदद की। अब प्रतिदिन दस बच्चे यहां प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर रहे हैं। रावत ने कहा कि बच्चों को बेहतर खेल सिखाकर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करवाना ही प्राथमिकता है। इधर शिक्षक के प्रयास की ग्रामीणों ने सराहना की है। ग्राम प्रधान दीपा देवी, कमल सिंह, विक्रम सिंह आदि ने बच्चों से बेहतर खेल सीखने की अपील की है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले सतेंद्र को बॉक्सिंग के शुरुआती गुर शिक्षक कृष्ण चंद्र रावत ही सिखाए थे।
जीआईसी सिलंगी में मई 2016 में कृष्ण चंद्र रावत की व्यायाम शिक्षक के तौर पर तैनाती हुई थी। कृष्ण सिंह रावत बताते हैं कि वर्ष 2016 में हुई स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में छह से अधिक बच्चों ने बिना किसी अभ्यास के जिलास्तर तक और एक बच्चे हिमांशु ने बैडमिंटन प्रतियोगिता में राज्य स्तर तक प्रतिभाग किया। वर्ष 2017 में हिमांशु और अजय ने बैडमिंटन में राज्य स्तर तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की, लेकिन बिना संसाधनों के राज्य स्तर पर यह स्थान हासिल नहीं कर पाए। तब स्वयं के प्रयासों से स्कूल में संसाधन जुटाने का निर्णय लिया। रावत ने बताया कि एक माह पूर्व स्कूल में बैडमिंटन कोर्ट तैयार करवाया, जिस पर करीब 40 हजार रुपये खर्च किए गए। इनमें से करीब 20 हजार रुपयों की ग्रामीणों ने मदद की। अब प्रतिदिन दस बच्चे यहां प्रतियोगिता के लिए अभ्यास कर रहे हैं। रावत ने कहा कि बच्चों को बेहतर खेल सिखाकर राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करवाना ही प्राथमिकता है। इधर शिक्षक के प्रयास की ग्रामीणों ने सराहना की है। ग्राम प्रधान दीपा देवी, कमल सिंह, विक्रम सिंह आदि ने बच्चों से बेहतर खेल सीखने की अपील की है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले सतेंद्र को बॉक्सिंग के शुरुआती गुर शिक्षक कृष्ण चंद्र रावत ही सिखाए थे।
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