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वार्ता के लिए पहुंची एसडीएम को अनशनकारियों ने लौटाया
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:36 PM IST
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गैरसैंण। स्थायी राजधानी के लिए रामलीला मैदान में अनशनकारियों से वार्ता करने पहुंची एसडीएम स्मृता परमार को आंदोलनकारियों ने लौटा दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि मांग पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा। वहीं चार पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे लोगों का स्वास्थ्य गिरने लगा है। वह अपनी जगह से उठ भी नहीं पा रहे हैं।
शनिवार शाम को चार बजे एसडीएम स्मृता परमार अनशनकारियों से वार्ता करने रामलीला मैदान पहुंची। एसडीएम ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनशनकारियों से अनशन खत्म करने के लिए कहा, लेकिन आंदोलनकारियों पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्ण नेगी, कमला पंवार और जसवंत सिंह ने स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग की। एसडीएम ने इसे शासन स्तर का मामला बताया। अनशनकारियों के आंदोलन पर अडिग रहने को देखते हुए महज 15 मिनट बाद ही एसडीएम को अनशन स्थल से लौटना पड़ा। इससे पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डा. आकांक्षा और अन्य कर्मियों ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें शुक्रवार की अपेक्षा आंदोलनकारियों का वजन एक किलो और कम (पूर्व में चार किलो कम था) पाया गया। साथ ही शरीर में कीटोन की मात्रा में वृद्धि पाई गई। शनिवार को आंदोलन को समर्थन देने वालों में समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, धनीराम, नारायण सिंह, सुरेश कुमार, महावीर सिंह, खिमुली देवी, सरोह शाह, देवेंद्र बल्ली, कुलदीप, वीरेंद्र टम्टा, नंदन नेगी, बृजमोहन राज, तुलसी और गणेशी आदि मौजूद थे।
शनिवार शाम को चार बजे एसडीएम स्मृता परमार अनशनकारियों से वार्ता करने रामलीला मैदान पहुंची। एसडीएम ने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनशनकारियों से अनशन खत्म करने के लिए कहा, लेकिन आंदोलनकारियों पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्ण नेगी, कमला पंवार और जसवंत सिंह ने स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने की मांग की। एसडीएम ने इसे शासन स्तर का मामला बताया। अनशनकारियों के आंदोलन पर अडिग रहने को देखते हुए महज 15 मिनट बाद ही एसडीएम को अनशन स्थल से लौटना पड़ा। इससे पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डा. आकांक्षा और अन्य कर्मियों ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें शुक्रवार की अपेक्षा आंदोलनकारियों का वजन एक किलो और कम (पूर्व में चार किलो कम था) पाया गया। साथ ही शरीर में कीटोन की मात्रा में वृद्धि पाई गई। शनिवार को आंदोलन को समर्थन देने वालों में समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, धनीराम, नारायण सिंह, सुरेश कुमार, महावीर सिंह, खिमुली देवी, सरोह शाह, देवेंद्र बल्ली, कुलदीप, वीरेंद्र टम्टा, नंदन नेगी, बृजमोहन राज, तुलसी और गणेशी आदि मौजूद थे।
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