{"_id":"5a807be04f1c1b8c268b9aa3","slug":"15183699633-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमुख मुख्य वन संरक्षक ने दिए जांच के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमुख मुख्य वन संरक्षक ने दिए जांच के आदेश
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। झिंझनीसैंण-जखेड़ मार्ग के निर्माण के दौरान मशीनों से पेड़ उखाडने और जंगल में मलबा उड़ेलने का मामला वन विभाग के मुख्यालय तक पहुंच गया है। प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) जयराज ने इस मामले में जांच बैठा दी है। आदेश के अनुपालन में डीएफओ नरेंद्रनगर ने वन क्षेत्राधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
कीर्तिनगर ब्लॉक के कोटी, सुमाड़ी और जखेड़ आदि गांवों को सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में झिंझनीसैँण-जखेड़ मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। 10 किमी लंबे इस मार्ग के निर्माण में नियमों को ताक पर रखकर कार्यदायी संस्था लोनिवि (पीएमजीएसवाई) खंड कीर्तिनगर ने वन निगम के ऑल वेदर रोड में व्यस्त होने का हवाला देते हुए काम शुरू करा दिया। मशीनों से पेड़ों को उखाड़ दिया गया। वन निगम के आपत्ति जताने के बाद भी काम चलता रहा। मीडिया में मामला उछलने पर पीसीसीएफ ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
विभागों की आपसी सामंजस्य की कमी और खींचतान का नुकसान जनता को हो रहा है। दशकों से यातायात से वंचित सुमाड़ी-जखेड़ के लिए सड़क स्वीकृत हुई है। वर्तमान में लोग रोड हेड तक पहुंचने के लिए 4 से 7 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं।
विज्ञापन
रेंजर को जांच के लिए कहा गया है। पूर्व में विभाग ने छपान कर लॉट के बारे में वन निगम को अवगत करा दिया था।- राहुल, डीएफओ नरेंद्रनगर (टिहरी)
विज्ञापन
कीर्तिनगर ब्लॉक के कोटी, सुमाड़ी और जखेड़ आदि गांवों को सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) में झिंझनीसैँण-जखेड़ मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। 10 किमी लंबे इस मार्ग के निर्माण में नियमों को ताक पर रखकर कार्यदायी संस्था लोनिवि (पीएमजीएसवाई) खंड कीर्तिनगर ने वन निगम के ऑल वेदर रोड में व्यस्त होने का हवाला देते हुए काम शुरू करा दिया। मशीनों से पेड़ों को उखाड़ दिया गया। वन निगम के आपत्ति जताने के बाद भी काम चलता रहा। मीडिया में मामला उछलने पर पीसीसीएफ ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
विज्ञापन
विभागों की आपसी सामंजस्य की कमी और खींचतान का नुकसान जनता को हो रहा है। दशकों से यातायात से वंचित सुमाड़ी-जखेड़ के लिए सड़क स्वीकृत हुई है। वर्तमान में लोग रोड हेड तक पहुंचने के लिए 4 से 7 किलोमीटर तक पैदल चलते हैं।
विज्ञापन
रेंजर को जांच के लिए कहा गया है। पूर्व में विभाग ने छपान कर लॉट के बारे में वन निगम को अवगत करा दिया था।- राहुल, डीएफओ नरेंद्रनगर (टिहरी)