{"_id":"5a7f55864f1c1b4d588b7e41","slug":"15182946084-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिदों के आराम में न पड़े खलल, इसके लिए बदलेगा ट्रैफिक रूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिदों के आराम में न पड़े खलल, इसके लिए बदलेगा ट्रैफिक रूट
Updated Sun, 11 Feb 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिंदों को सुरक्षित माहौल देने की तैयारी
- परिंदों के आराम में न पड़ेे खलल, इसके लिए बदलेगा ट्रैफिक रूट
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
आसन कंजरवेशन रिजर्व में प्रवास पर पहुंचने वाले परिंदों को सुरक्षित माहौल देने की तैयारी की जा रही हैं। इसके लिए अब वन विभाग झील के आसपास के क्षेत्रों के ट्रैफिक रूट को बदलने का प्लान बना रहा है। हालांकि इसे लागू करने में अभी काफी समय लगेगा।
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वह विभाग जिला प्रशासन के साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर रहा है। यह नियम लागू होने बाद हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर जाने वाले वाहनों को वाया धर्मावाला होकर जाना होगा। उल्लेखनीय है कि हर साल सैकड़ों विदेशी परिंदे आसन झील पर प्रवास पर पहुंचते हैं। अक्तूबर से मार्च तक झील और आसपास के जंगल ही इन परिंदों का बसेरा होता है। लेकिन कुछ सालों में जिस तरह से झील के आसपास ट्रैफिक का दबाव बड़ा है। उससे पक्षियों के प्रवास पर खलल पड़ रहा है। ट्रैफिक दबाव के चलते दोपहर में झील पर परिंदे भी कम हो जाते हैं। ऐसे में अब वन महकमा अक्तूबर से मार्च के बीच में झील के आसपास के क्षेत्र में ट्रैफिक के रूट को बदलने की योजना बना रहा है। रूट परिवर्तन होने से पांवटा, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू कश्मीर जाने वाले वाहनों को वाया धर्मावाला जाना पड़ेगा।
कोट :
रूट प्लान को लागू करने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों से वार्ता जारी है। विभाग परिंदों की सुरक्षा के लिए संजिदा है।
- एसके काला, उप प्रभागीय वनाधिकारी, चकराता
विज्ञापन
- परिंदों के आराम में न पड़ेे खलल, इसके लिए बदलेगा ट्रैफिक रूट
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
आसन कंजरवेशन रिजर्व में प्रवास पर पहुंचने वाले परिंदों को सुरक्षित माहौल देने की तैयारी की जा रही हैं। इसके लिए अब वन विभाग झील के आसपास के क्षेत्रों के ट्रैफिक रूट को बदलने का प्लान बना रहा है। हालांकि इसे लागू करने में अभी काफी समय लगेगा।
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए वह विभाग जिला प्रशासन के साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर रहा है। यह नियम लागू होने बाद हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर जाने वाले वाहनों को वाया धर्मावाला होकर जाना होगा। उल्लेखनीय है कि हर साल सैकड़ों विदेशी परिंदे आसन झील पर प्रवास पर पहुंचते हैं। अक्तूबर से मार्च तक झील और आसपास के जंगल ही इन परिंदों का बसेरा होता है। लेकिन कुछ सालों में जिस तरह से झील के आसपास ट्रैफिक का दबाव बड़ा है। उससे पक्षियों के प्रवास पर खलल पड़ रहा है। ट्रैफिक दबाव के चलते दोपहर में झील पर परिंदे भी कम हो जाते हैं। ऐसे में अब वन महकमा अक्तूबर से मार्च के बीच में झील के आसपास के क्षेत्र में ट्रैफिक के रूट को बदलने की योजना बना रहा है। रूट परिवर्तन होने से पांवटा, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू कश्मीर जाने वाले वाहनों को वाया धर्मावाला जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
कोट :
रूट प्लान को लागू करने के लिए जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों से वार्ता जारी है। विभाग परिंदों की सुरक्षा के लिए संजिदा है।
- एसके काला, उप प्रभागीय वनाधिकारी, चकराता