{"_id":"5a7f55834f1c1bcb268b94f6","slug":"151829460510-vikas-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उप प्रधान ने ग्राम प्रधान पर लगाया अनियमितता का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उप प्रधान ने ग्राम प्रधान पर लगाया अनियमितता का आरोप
Updated Sun, 11 Feb 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम प्रधान पर लगाया अनियमितता का आरोप
उपप्रधान ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
कालसी।
ग्राम पंचायत कोटी के उप प्रधान सुशील कुमार ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। विरोध में उन्होंने 12 फरवरी से बीडीओ कार्यालय में भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
कहा ग्राम पंचायत अंतर्गत राज्य वित्त के साथ ही 13वें, 14वें और मनरेगा के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में भारी धांधली की जा रही है। गांव में खुली बैठक का आयोजन नहीं किया जाता। सरेआम पंचायत राज एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सरकारी धन को ठिकाने लगा रहे हैं। मामले में सब कुछ जानने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साधे हुई है। बीते दो फरवरी को उन्होंने मांग के समर्थन में जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख को ज्ञापन दिया था। लेकिन अब तक दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। यदि ग्राम प्रधान द्वारा खुली बैठक नहीं बुलाई जाती तो उन्हें भूख हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ेगा। खंड विकास अधिकारी बीपी खंडूरी ने कहा कि मामले में एडीओ पंचायत से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं ग्राम प्रधान शीलादेवी ने कहा कि आरोप निराधार हैं। वह किसी भी जांच को तैयार हैं।
विज्ञापन
उपप्रधान ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
कालसी।
ग्राम पंचायत कोटी के उप प्रधान सुशील कुमार ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। विरोध में उन्होंने 12 फरवरी से बीडीओ कार्यालय में भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
कहा ग्राम पंचायत अंतर्गत राज्य वित्त के साथ ही 13वें, 14वें और मनरेगा के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में भारी धांधली की जा रही है। गांव में खुली बैठक का आयोजन नहीं किया जाता। सरेआम पंचायत राज एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सरकारी धन को ठिकाने लगा रहे हैं। मामले में सब कुछ जानने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साधे हुई है। बीते दो फरवरी को उन्होंने मांग के समर्थन में जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और ब्लॉक प्रमुख को ज्ञापन दिया था। लेकिन अब तक दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। यदि ग्राम प्रधान द्वारा खुली बैठक नहीं बुलाई जाती तो उन्हें भूख हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ेगा। खंड विकास अधिकारी बीपी खंडूरी ने कहा कि मामले में एडीओ पंचायत से जांच रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं ग्राम प्रधान शीलादेवी ने कहा कि आरोप निराधार हैं। वह किसी भी जांच को तैयार हैं।
विज्ञापन