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108 सेवा के कर्मचारियों को चार माह से नहीं मिला वेतन
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:48 PM IST
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गोपेश्वर/घाट। चमोली जिले के सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का जिम्मा संभाले 108 सेवा के 62 और खुशियों की सवारी में कार्यरत पांच कर्मचारियों को चार माह से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। 108 वाहनों की भी मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे वाहन चालक लंबी दूरी के मरीजों को लेने भी नहीं जा पा रहे हैं।
जिले के तलवाड़ी, देवाल, नारायणबगड़, गैरसैंण, आदिबदरी, पोखरी, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, घाट, चमोली, जोशीमठ, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में 108 वाहनों का संचालन होता है। शीतकाल में बदरीनाथ धाम की सेवा छह माह के लिए बंद हो जाती है। इन वाहनों में वाहन चालक के साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ के कर्मचारी कार्य करते हैं, लेकिन इन्हें विगत वर्ष अक्तूबर माह से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष मनमोहन चतुरा का कहना है कि 108 सेवा के संचालन के लिए वित्तीय व्यवस्था की कमी सरकार की नाकामी को प्रदर्शित कर रही है। इधर, 108 सेवा के जिला समन्वयक यशवंत नेगी का कहना है कि बजट की कमी के कारण 108 सेवा संचालकों को वेतन और वाहनों कर मरम्मत नहीं हो पा रही है। बजट उपलब्ध होने पर सारी दिक्कतें हो जाएंगी।
जिले के तलवाड़ी, देवाल, नारायणबगड़, गैरसैंण, आदिबदरी, पोखरी, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग, घाट, चमोली, जोशीमठ, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ में 108 वाहनों का संचालन होता है। शीतकाल में बदरीनाथ धाम की सेवा छह माह के लिए बंद हो जाती है। इन वाहनों में वाहन चालक के साथ ही पैरा मेडिकल स्टाफ के कर्मचारी कार्य करते हैं, लेकिन इन्हें विगत वर्ष अक्तूबर माह से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष मनमोहन चतुरा का कहना है कि 108 सेवा के संचालन के लिए वित्तीय व्यवस्था की कमी सरकार की नाकामी को प्रदर्शित कर रही है। इधर, 108 सेवा के जिला समन्वयक यशवंत नेगी का कहना है कि बजट की कमी के कारण 108 सेवा संचालकों को वेतन और वाहनों कर मरम्मत नहीं हो पा रही है। बजट उपलब्ध होने पर सारी दिक्कतें हो जाएंगी।
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