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क्षेत्र में मानकों विपरीत संचालित क्रशरों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:21 PM IST
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श्रीनगर। मलेथा के क्रशर विरोधी आंदोलनकारियों ने मानकों की अनदेखी कर क्षेत्र में संचालित हो रहे स्टोन क्रशरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
शनिवार को पत्रकार वार्ता में आंदोलनकारी समिति की अध्यक्ष विमला नेगी ने बताया कि मलेथा में एक स्टोन क्रशर मामले में शासन की ओर से 29 जनवरी को दोनों पक्षों की बैठक बुलाई गई थी। सुनवाई में आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि क्रशर को मिली संचालन की अनुमति वर्ष 2016 में समाप्त हो चुकी है, तब से क्रशर संचालक मानक पूरे नही कर पाए हैं। कहा कि अगर सरकार मलेथा में क्रशर संचालन की अनुमति देती है, तो आंदोलनकारी मलेथा की ऐतिहासिक कृषि भूमि को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में जाएंगे। आंदोलनकारी देव सिंह नेगी ने कहा कि क्रशरों के बारे में शासन स्तर पर जो सुनवाई की गई वह अनुचित है। समीर रतूड़ी ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि कभी क्रशरों के विरोध में थे, वहीं आज अपने स्वार्थों को लेकर उनके पक्ष में खड़े हैं। कहा कि एक व्यक्ति के आर्थिक हित के लिए कई लोगों के आय के साधनों को खतरे में नही डाला जा सकता है। इस मौके पर राजकुमारी राणा, हेमंती नेगी आदि शामिल थे।
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शनिवार को पत्रकार वार्ता में आंदोलनकारी समिति की अध्यक्ष विमला नेगी ने बताया कि मलेथा में एक स्टोन क्रशर मामले में शासन की ओर से 29 जनवरी को दोनों पक्षों की बैठक बुलाई गई थी। सुनवाई में आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि क्रशर को मिली संचालन की अनुमति वर्ष 2016 में समाप्त हो चुकी है, तब से क्रशर संचालक मानक पूरे नही कर पाए हैं। कहा कि अगर सरकार मलेथा में क्रशर संचालन की अनुमति देती है, तो आंदोलनकारी मलेथा की ऐतिहासिक कृषि भूमि को बचाने के लिए न्यायालय की शरण में जाएंगे। आंदोलनकारी देव सिंह नेगी ने कहा कि क्रशरों के बारे में शासन स्तर पर जो सुनवाई की गई वह अनुचित है। समीर रतूड़ी ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि कभी क्रशरों के विरोध में थे, वहीं आज अपने स्वार्थों को लेकर उनके पक्ष में खड़े हैं। कहा कि एक व्यक्ति के आर्थिक हित के लिए कई लोगों के आय के साधनों को खतरे में नही डाला जा सकता है। इस मौके पर राजकुमारी राणा, हेमंती नेगी आदि शामिल थे।
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