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सुगम होगी सेना की आवाजाही, सुरांई थोटा में आधे-अधूरे पुल का निर्माण कार्य होगा पूरा
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:12 PM IST
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जोशीमठ। चीन सीमा क्षेत्र में भारतीय सैनिकों की आवाजाही जल्द सुगम हो जाएगी। जोशीमठ-मलारी हाईवे पर सुराईंथोटा में वर्षों से तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े मोटर पुल का आईआईटी के इंजीनियरों की टीम ने परीक्षण किया था। टीम की सहमति के बाद बीआरओ जल्द पुल का निर्माण शुरू करेगा। अभी तक सीमा क्षेत्र तक जाने के लिए भारतीय सैनिक यहां निर्मित अस्थायी वैलीब्रिज से आवाजाही कर रहे हैं।
वर्ष 2003 में धौली गंगा के ऊपर से मोटर पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2006 तक पुल का निर्माण कार्य करीब नब्बे फीसदी तक पूरा हो गया था, लेकिन पुल का निरीक्षण करने क्षेत्र में पहुंची इंजीनियरों की टीम ने पुल पर तकनीकी खामी बताई। इस पर बीआरओ ने ठेकेदार को खामियां दूर करने के लिए कहा, लेकिन ठेकेदार पुल का काम आधा-अधूरा छोड़कर भाग गया। बीआरओ की ओर से ठेकेदार को कई नोटिस भी भेजे गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद आईआईटी के इंजीनियरों से पुल का निरीक्षण करवाया गया। बीआरओ के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर का कहना है कि आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की टीम ने पुल का निरीक्षण कर तकनीकी खराबी को दूर करने की बात कही थी। अब पुल की तकनीकी खामी को दूर कर पुल का काम जल्द शुरू किया जाएगा। पुल की संपूर्ण रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
वर्ष 2003 में धौली गंगा के ऊपर से मोटर पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्ष 2006 तक पुल का निर्माण कार्य करीब नब्बे फीसदी तक पूरा हो गया था, लेकिन पुल का निरीक्षण करने क्षेत्र में पहुंची इंजीनियरों की टीम ने पुल पर तकनीकी खामी बताई। इस पर बीआरओ ने ठेकेदार को खामियां दूर करने के लिए कहा, लेकिन ठेकेदार पुल का काम आधा-अधूरा छोड़कर भाग गया। बीआरओ की ओर से ठेकेदार को कई नोटिस भी भेजे गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद आईआईटी के इंजीनियरों से पुल का निरीक्षण करवाया गया। बीआरओ के कमांडर कर्नल एसएस मक्कर का कहना है कि आईआईटी रुड़की के इंजीनियरों की टीम ने पुल का निरीक्षण कर तकनीकी खराबी को दूर करने की बात कही थी। अब पुल की तकनीकी खामी को दूर कर पुल का काम जल्द शुरू किया जाएगा। पुल की संपूर्ण रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
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