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और 17 जेआर भी स्वास्थ्य निदेशालय को रिलीव
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:08 PM IST
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श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से शेष 17 जेआर (जूनियर रेजीडेंट) डॉक्टरों को भी बुधवार को पीएमएचएस (प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा) निदेशालय के लिए रिलीव कर दिया गया है। अभी 91 अनुबंधित डॉक्टरों को एक-दो दिन के भीतर स्वास्थ्य महानिदेशालय से ज्वाइनिंग मिलने की उम्मीद है।
इधर, कॉलेज प्रशासन ने उक्त चिकित्सकों को वापस लिए जाने की बात को अफवाह बताया है। वहीं इंटर्न डॉक्टर्स के वापस न आने पर सख्त कदम उठाया जा रहा है। उनको भी बेस अस्पताल में जेआरशिप करने का मौका नहीं मिलेगा। उनको प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित अस्पतालों में तैनाती दे दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएंगी।
इंटर्न को चार माह से मानदेय न मिलने, जूनियर रेजीडेंट (जेआर) की वेतन विसंगति दूर न होने और अवैध रुप से विद्युत उपकरण प्रयोग करने पर कॉलेज प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से नाराज मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजीडेंट और प्रशिक्षु डॉक्टरों ने 24 जनवरी से ओपीडी (वाह्यकालीन रोगी विभाग) का बहिष्कार कर दिया था। कॉलेज प्रशासन की ओर से लगभग सभी मांगों पर कार्रवाई करने के बाद भी जब वह नहीं माने, तो 27 जनवरी को कॉलेज ने आंदोलनरत 74 जेआर को रिलीव कर दिया। इंटर्न को काम पर लौटने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ इंटर्न को छोड़कर अन्य इंटर्न काम पर नहीं लौटे हैं। जेआर को भी एक हफ्ते के भीतर हॉस्टल खाली करने को कहा गया है, ताकि नए जेआर वहां रह सके।
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आज देहरादून में बैठक
श्रीनगर। देहरादून में आज बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज की समस्याओं पर चर्चा होगी। बैठक में सीटी स्कैन मशीन, अस्थायी कर्मचारियों और फैकल्टी की कमी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।
एक सप्ताह के अंदर विज्ञापित पदों पर 12 जेआर ज्वाइनिंग देने वाले हैं। फरवरी मेें एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल परीक्षा के बाद कॉलेज को लगभग 90 इंटर्न मिल जाएंगे। इंटर्न का मानदेय मिल चुका है। ऐसे में उनका हड़ताल पर रहना औचित्यहीन है।
-प्रो. सीएम रावत, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर
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इधर, कॉलेज प्रशासन ने उक्त चिकित्सकों को वापस लिए जाने की बात को अफवाह बताया है। वहीं इंटर्न डॉक्टर्स के वापस न आने पर सख्त कदम उठाया जा रहा है। उनको भी बेस अस्पताल में जेआरशिप करने का मौका नहीं मिलेगा। उनको प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में स्थित अस्पतालों में तैनाती दे दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थाएं पटरी पर आ जाएंगी।
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इंटर्न को चार माह से मानदेय न मिलने, जूनियर रेजीडेंट (जेआर) की वेतन विसंगति दूर न होने और अवैध रुप से विद्युत उपकरण प्रयोग करने पर कॉलेज प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से नाराज मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजीडेंट और प्रशिक्षु डॉक्टरों ने 24 जनवरी से ओपीडी (वाह्यकालीन रोगी विभाग) का बहिष्कार कर दिया था। कॉलेज प्रशासन की ओर से लगभग सभी मांगों पर कार्रवाई करने के बाद भी जब वह नहीं माने, तो 27 जनवरी को कॉलेज ने आंदोलनरत 74 जेआर को रिलीव कर दिया। इंटर्न को काम पर लौटने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ इंटर्न को छोड़कर अन्य इंटर्न काम पर नहीं लौटे हैं। जेआर को भी एक हफ्ते के भीतर हॉस्टल खाली करने को कहा गया है, ताकि नए जेआर वहां रह सके।
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आज देहरादून में बैठक
श्रीनगर। देहरादून में आज बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज की समस्याओं पर चर्चा होगी। बैठक में सीटी स्कैन मशीन, अस्थायी कर्मचारियों और फैकल्टी की कमी से संबंधित मुद्दों पर चर्चा होगी।
एक सप्ताह के अंदर विज्ञापित पदों पर 12 जेआर ज्वाइनिंग देने वाले हैं। फरवरी मेें एमबीबीएस फाइनल प्रोफेशनल परीक्षा के बाद कॉलेज को लगभग 90 इंटर्न मिल जाएंगे। इंटर्न का मानदेय मिल चुका है। ऐसे में उनका हड़ताल पर रहना औचित्यहीन है।
-प्रो. सीएम रावत, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर