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आजादी के 70 साल बाद भी पाइप लाइन का इंतजार
Updated Tue, 30 Jan 2018 02:12 AM IST
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आजादी के 70 साल बाद भी पाइप लाइन का इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
आजादी के 70 साल बाद भी कालसी प्रखंड के करीब एक दर्जन खेड़े और मजरे पाइप लाइन से वंचित हैं। यहां के बासिंदों को 1 से 2 किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ता है। गर्मियों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। करीब 200 परिवारों को रोजाना इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
प्रखंड अंतर्गत पिसोगी, घंजराड़ा, रमवाड़ा, रेऊगी, धोराखेड़ा, शानदारा, सलखेत खेड़ा, कुईया खेड़ा, डांडा खेड़ा समेत एक दर्जन खेडे़ ऐसे हैं। जहां आज तक पेयजल लाइन नहीं पहुंच सकी है। खजान सिंह पंवार, सुरेंद्र सिंह, सिंगाराम आदि का कहना है कि कई बार खेड़ों तक पेयजल लाइन पहुंचाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन हर बार ग्रामीणों को आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। गर्मियों में जल स्रोत का स्तर घटने से पानी की समस्या और विकट हो जाती है। लोगों को एक-दो किमी दूर से पानी ढोना पड़ता है। वह पानी भी स्वच्छ नहीं होता है।
इस संबंध में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी गैरोला का कहना कि जिन गांवों से पाइप लाइन के लिए प्रस्ताव आए हैं। वहां सर्वे कराकर पेयजल लाइन बिछाने के लिए फाइल शासन को भेजी जा चुकी है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
साहिया।
आजादी के 70 साल बाद भी कालसी प्रखंड के करीब एक दर्जन खेड़े और मजरे पाइप लाइन से वंचित हैं। यहां के बासिंदों को 1 से 2 किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोना पड़ता है। गर्मियों में स्थिति और भी विकट हो जाती है। करीब 200 परिवारों को रोजाना इस समस्या का सामना करना पड़ता है।
प्रखंड अंतर्गत पिसोगी, घंजराड़ा, रमवाड़ा, रेऊगी, धोराखेड़ा, शानदारा, सलखेत खेड़ा, कुईया खेड़ा, डांडा खेड़ा समेत एक दर्जन खेडे़ ऐसे हैं। जहां आज तक पेयजल लाइन नहीं पहुंच सकी है। खजान सिंह पंवार, सुरेंद्र सिंह, सिंगाराम आदि का कहना है कि कई बार खेड़ों तक पेयजल लाइन पहुंचाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन हर बार ग्रामीणों को आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। गर्मियों में जल स्रोत का स्तर घटने से पानी की समस्या और विकट हो जाती है। लोगों को एक-दो किमी दूर से पानी ढोना पड़ता है। वह पानी भी स्वच्छ नहीं होता है।
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इस संबंध में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी गैरोला का कहना कि जिन गांवों से पाइप लाइन के लिए प्रस्ताव आए हैं। वहां सर्वे कराकर पेयजल लाइन बिछाने के लिए फाइल शासन को भेजी जा चुकी है।
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