{"_id":"5a68ba784f1c1b7c268b6232","slug":"15168131175-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बगड्वाल नृत्य में किया धान की रोपाई का मंचन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बगड्वाल नृत्य में किया धान की रोपाई का मंचन
Updated Wed, 24 Jan 2018 10:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोपेश्वर। तेफना में चल रहे तीन दिवसीय दशोली गढ़ सांस्कृतिक विकास मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कोट-कंडारा गांव के ग्रामीणों ने बगड्वाल नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। कलाकारों ने नृत्य के दौरान धन की रोपाई का मंचन भी किया। बुधवार को मेले का शुभारंभ नगर पालिका गौचर के अध्यक्ष मुकेश नेगी और कर्णप्रयाग के पालिकाध्यक्ष सुभाष गैरोला ने संयुक्त रुप से किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायककार जगदीश नैथवाल ने स्वरचित गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने औंणा छन रे बाराती..., ढोल की थाप..., बीरसिंगा नीती जाण य माणा..., जय हो नीती महादेव, तेरी पूजा करदा... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। जिला बाल विकास विभाग की ओर से कर्णभूमि कला मंच के कलाकारों ने नाटक से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। मेले में दोपहर बाद स्थानीय खेल लूण-बाखरी का आयोजन हुआ। इस खेल में बाघ के रूप में एक महिला नियुक्त की जाती है, जो बाखरी (बकरी) को पकड़ने के लिए इधर-उधर दौड़ती है, जिस भी बाखरी पर बाघ हाथ लगाएगा, वो खेल से बाहर हो जाता है। इस खेल में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जोशी, मंगरोली के प्रधान तेजवीर कंडेरी, उमेश कठैत, मेला अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, वीरेंद्र सिंह रावत, विजेंद्र सिंह, दयाल सिंह बिष्ट, कुंवर सिंह कंडेरी, लक्ष्मण बिष्ट, महेंद्र रावत, दिग्पाल सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह राणा, चंद्र सिंह रावत, रामी देवी और जीतपाल सिंह कठैत आदि मौजूद थे।
आज नहीं होगा मेला
गोपेश्वर। क्षेत्र के गंडासू गांव में सैनिक जगदीश पुरोहित के शहीद होने पर बृृहस्पतिवार को मेला समिति ने मेला स्थगित करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को मेले का सादे समारोह में समापन किया जाएगा। बुधवार को मेले के दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायककार जगदीश नैथवाल ने स्वरचित गीतों की प्रस्तुति दी। उन्होंने औंणा छन रे बाराती..., ढोल की थाप..., बीरसिंगा नीती जाण य माणा..., जय हो नीती महादेव, तेरी पूजा करदा... जैसे गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। जिला बाल विकास विभाग की ओर से कर्णभूमि कला मंच के कलाकारों ने नाटक से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। मेले में दोपहर बाद स्थानीय खेल लूण-बाखरी का आयोजन हुआ। इस खेल में बाघ के रूप में एक महिला नियुक्त की जाती है, जो बाखरी (बकरी) को पकड़ने के लिए इधर-उधर दौड़ती है, जिस भी बाखरी पर बाघ हाथ लगाएगा, वो खेल से बाहर हो जाता है। इस खेल में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जोशी, मंगरोली के प्रधान तेजवीर कंडेरी, उमेश कठैत, मेला अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा, वीरेंद्र सिंह रावत, विजेंद्र सिंह, दयाल सिंह बिष्ट, कुंवर सिंह कंडेरी, लक्ष्मण बिष्ट, महेंद्र रावत, दिग्पाल सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह राणा, चंद्र सिंह रावत, रामी देवी और जीतपाल सिंह कठैत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
आज नहीं होगा मेला
गोपेश्वर। क्षेत्र के गंडासू गांव में सैनिक जगदीश पुरोहित के शहीद होने पर बृृहस्पतिवार को मेला समिति ने मेला स्थगित करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को मेले का सादे समारोह में समापन किया जाएगा। बुधवार को मेले के दौरान दो मिनट का मौन रखकर शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।
विज्ञापन