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अपग्रेड होंगे शहर के सार्वजनिक शौचालय
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:52 AM IST
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तीर्थनगरी में अपग्रेड होंगे 15 सार्वजनिक शौचालय
-- प्रशासक ने दिए सहायक नगर आयुक्त को निर्देश
-- साफ-सफाई, रंग रोगन और सेंसर लगाने की है योजना
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) की सूची में शामिल करने के लिए जिलाधिकारी ने कमान अपने हाथों में ले ली है। डीएम एसए मुरुगेशन ने सबसे पहले शहरी क्षेत्र में स्थापित सार्वजनिक शौचालयों को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। शौचालय अपग्रेड होने से शौचालय विहीन लोग सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल कर सकेंगे। डीएम देहरादून व निगम के प्रशासक एसए मुरुगेशन ने सहायक नगर आयुक्त को इस बाबत निर्देशित किया गया है। प्रशासक ने नगर में साफ-सफाई के इंतजामों को भी मुकम्मल करने के लिए कहा है।
सहायक नगर आयुक्त महेंद्र कुमार यादव के मुताबिक निगम के शहर के विभिन्न वार्डों में 15 सार्वजनिक शौचालय हैं, जिन्हें अपग्रेड करने के निर्देश प्रशासक ने दिए हैं। बताया कि शौचालयों में रोजाना साफ सफाई, मरम्मत, रंगरोगन के अलावा उनमें एग्जेस्ट फैन आदि लगाए जाने हैं। बताया कि कुछ शौचालयों में सेंसर लगाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। सेंसर से जरूरत के हिसाब से पानी खर्च हो सकेगा। इसी योजना के तहत निगम परिसर में भी एक सार्वजनिक शौचालय स्थापित करने की अनुमति प्रशासक ने दी है, निगम प्रशासन इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू करेगा।
चंद्रभागा में बने बायोटॉयलेट होंगे चालू
ऋषिकेश। शहर के वाशिंदों और राहगीरों के लिए चंद्रभागा नदी किनारे लगाए गए तीन बायोटॉयलेट को जल्द शुरू किया जाएगा। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि बायोटॉयलेट के लिए बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसके बाद टॉयलेट को नागरिक सुविधा के लिए शीघ्र सुचारु किया जाएगा। इसके अलावा डीएम की ओर से शौचालयों को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे हैं।
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यात्रा व मेले के दौरान आती है समस्या
तीर्थनगरी में यात्रा या मेले के दौरान सबसे अधिक गंदगी फैलती है। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने से सफाई व्यवस्था लड़खड़ा जाती है। तीर्थनगरी में पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण श्रद्धालु खुले में शौच के लिए जाते हैं। शहर में सार्वजनिक शौचालय ठीक होने पर सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार आ सकेगा।
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-- प्रशासक ने दिए सहायक नगर आयुक्त को निर्देश
-- साफ-सफाई, रंग रोगन और सेंसर लगाने की है योजना
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) की सूची में शामिल करने के लिए जिलाधिकारी ने कमान अपने हाथों में ले ली है। डीएम एसए मुरुगेशन ने सबसे पहले शहरी क्षेत्र में स्थापित सार्वजनिक शौचालयों को अपग्रेड करने की योजना बनाई है। शौचालय अपग्रेड होने से शौचालय विहीन लोग सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल कर सकेंगे। डीएम देहरादून व निगम के प्रशासक एसए मुरुगेशन ने सहायक नगर आयुक्त को इस बाबत निर्देशित किया गया है। प्रशासक ने नगर में साफ-सफाई के इंतजामों को भी मुकम्मल करने के लिए कहा है।
सहायक नगर आयुक्त महेंद्र कुमार यादव के मुताबिक निगम के शहर के विभिन्न वार्डों में 15 सार्वजनिक शौचालय हैं, जिन्हें अपग्रेड करने के निर्देश प्रशासक ने दिए हैं। बताया कि शौचालयों में रोजाना साफ सफाई, मरम्मत, रंगरोगन के अलावा उनमें एग्जेस्ट फैन आदि लगाए जाने हैं। बताया कि कुछ शौचालयों में सेंसर लगाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। सेंसर से जरूरत के हिसाब से पानी खर्च हो सकेगा। इसी योजना के तहत निगम परिसर में भी एक सार्वजनिक शौचालय स्थापित करने की अनुमति प्रशासक ने दी है, निगम प्रशासन इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू करेगा।
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चंद्रभागा में बने बायोटॉयलेट होंगे चालू
ऋषिकेश। शहर के वाशिंदों और राहगीरों के लिए चंद्रभागा नदी किनारे लगाए गए तीन बायोटॉयलेट को जल्द शुरू किया जाएगा। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि बायोटॉयलेट के लिए बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इसके बाद टॉयलेट को नागरिक सुविधा के लिए शीघ्र सुचारु किया जाएगा। इसके अलावा डीएम की ओर से शौचालयों को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे हैं।
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यात्रा व मेले के दौरान आती है समस्या
तीर्थनगरी में यात्रा या मेले के दौरान सबसे अधिक गंदगी फैलती है। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने से सफाई व्यवस्था लड़खड़ा जाती है। तीर्थनगरी में पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण श्रद्धालु खुले में शौच के लिए जाते हैं। शहर में सार्वजनिक शौचालय ठीक होने पर सफाई व्यवस्था में कुछ सुधार आ सकेगा।