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भेल के अतिक्रमण अभियान पर शासन ने लगायी रोक
Updated Wed, 10 Jan 2018 10:37 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भेल की ओर से पुलिस प्रशासन के सहयोग से लेबर कालाोनी में दो दिन से जारी अतिक्रमण हटाओ अभियान पर शासन ने फिलहाल रोक लगा दी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने शासन के हवाले से भेल अफसरों से अभियान के दौरान बेदखल गरीब लोगों को फिलहाल अस्थायी आशियाना मुहैया कराने को कहा। इतना ही नहंी कब्जेदारों को स्वयं एक माह के अंदर अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया। अभियान पर रोक से लोगों ने राहत की सांस ली है।
भेल की ओर से लेबर कालोनी में दो दिनों से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान 650 से अधिक झुग्गी झोपड़ियों को हटाने के साथ ही हजारों लोगों को बेदखल कर दिया गया। भेल की जमीनों पर कई वर्षों से काबिज लोगों ने ठंड का हवाला देते हुए अभियान का विरोध किया, लेकिन भेल के अफसरों ने उनकी एक नहीं सुनी।
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बुधवार को अतिक्रमण हटाओ दस्ते के कार्रवाई करने से पहले मौके पर पहुंची जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा ने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए अभियान रुकवा दिया। इतना ही नहीं आपदा प्रबंधन अधिकारी कैंतुरा ने अभियान के दौरान बेदखल किए गए लोगों को कुछ दिनों के लिए अस्थायी ठिकाना देने को भी कहा। साथ ही उन्होंने कब्जेदारों से कहा कि एक माह के भीतर वह स्वत: कब्जा हटा दें।
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दूसरी ओर भेल के नगर प्रशासक संजय पंवार ने बताया कि जिनका अतिक्रमण हटाया गया है उन्हें मानवीय आधार पर भेल परिसर मेें अस्थायी जगह दे दी गई है, लेकिन कब्जाधारियों को जमीन खाली करनी ही होगी।
ठंड से नवजात की मौत जांच में पाई फर्जी
अतिक्रमण अभियान के दौरान बेदखल लोगों में से दो की ठंड से मौत होने की सूचना पर पुलिस प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। प्रकरण जिलाधिकारी दीपक रावत के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने जिला प्रशासन के साथ ही भेल अफसरों को तत्काल को मौके पर भेजा। अफसरों ने जांच की तो पता चला कि एक नवजात की अभियान के पहले दिन ही मौत हो गई। जबकि दूसरे मृतक की कोई पुष्टि नहीं हो पाई। लोगों का कहना है कि नवजात की मौत अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान परिजनों को बेदखल करने पर ठंड के कारण हुई, वहीं इस बात की भी चर्चा रही कि नवजात की मौत अभियान से एक दिन पहले ही हो गई थी।