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ऊर्जा सचिव ने मुख्यमंत्री ने सौंपी जांच रिपोर्ट
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ऊर्जा सचिव ने मुख्यमंत्री ने सौंपी जांच रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में पिछले साल ऊर्जीकृत करते समय करोड़ों की कीमत के 80 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर फुंकने की जांच रिपोर्ट ऊर्जा सचिव ने मुख्यमंत्री को सौंप दी है। मुख्यमंत्री को जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब इस प्रकरण के दोषी अधिकारियों व अभियंताओं पर कार्रवाई होना तय है, जिनकी लापरवाही से ट्रांसफार्मर फुंका था।
उल्लेखनीय है कि पिटकुल के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में निजी कंपनी आईएमपी की मदद से 80 एमवीए का पांच करोड़ रुपये कीमत का ट्रांसफार्मर लगाया गया था। लेकिन 15 मार्च 2017 को जैसे ही ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया गया वह तेज धमाके साथ जल गया। पिटकुल सूत्रों के मुताबिक घटिया क्वालिटी होने की वजह से निगम को भारी नुकसान हो गया। करोड़ों रुपये कीमत के ट्रांसफार्मर फुंकने की घटना के बाद इसकी जांच शुरू हुई। मामले में आईआईटी रुड़की के अलावा बंगलूरू स्थित सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई गई थी। प्रकरण में पिटकुल के कई मुख्य अभियंता समेत 12 अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किए गए। आरोपी अभियंताओं ने अपने बयान भी दर्ज करा दिए। जिन अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया गया है उनके उत्तरों के परीक्षण व मूल्यांकन के लिए यूपीसीएल व पिटकुल के कई निदेशकों की समिति गठित कर तमाम पहलुओं की जांच कराई गई है। प्रकरण पीएमओ के साथ ही मुख्य सतर्कता आयुक्त तक भी पहुंचा था।
अब इस मामले में ऊर्जा सचिव राधिका झा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को रिपोर्ट सौंप दी है। मुख्यमंत्री रावत ने बताया कि उन्हें रिपोर्ट मिल गई है। अब जबकि मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा है तो इस मामले में दोषी अधिकारियों व अभियंताआेेें पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
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प्रकरण में शामिल कई अभियंताओें को अहम ओहदा देने की तैयारी
इस प्रकरण में शामिल कई अभियंताओं को जांच में क्लीन चिट देकर अहम ओहदा देने की तैयारी है। जिसे लेकर पिटकुल के अधिकारियों और कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन 12 अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया गया था, उनमें से आठ को क्लीन चिट देकर चार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
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देहरादून। पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में पिछले साल ऊर्जीकृत करते समय करोड़ों की कीमत के 80 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर फुंकने की जांच रिपोर्ट ऊर्जा सचिव ने मुख्यमंत्री को सौंप दी है। मुख्यमंत्री को जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब इस प्रकरण के दोषी अधिकारियों व अभियंताओं पर कार्रवाई होना तय है, जिनकी लापरवाही से ट्रांसफार्मर फुंका था।
उल्लेखनीय है कि पिटकुल के झाझरा स्थित पावर सब स्टेशन में निजी कंपनी आईएमपी की मदद से 80 एमवीए का पांच करोड़ रुपये कीमत का ट्रांसफार्मर लगाया गया था। लेकिन 15 मार्च 2017 को जैसे ही ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत किया गया वह तेज धमाके साथ जल गया। पिटकुल सूत्रों के मुताबिक घटिया क्वालिटी होने की वजह से निगम को भारी नुकसान हो गया। करोड़ों रुपये कीमत के ट्रांसफार्मर फुंकने की घटना के बाद इसकी जांच शुरू हुई। मामले में आईआईटी रुड़की के अलावा बंगलूरू स्थित सेंट्रल पावर रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपीआरआई) के तकनीकी विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई गई थी। प्रकरण में पिटकुल के कई मुख्य अभियंता समेत 12 अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किए गए। आरोपी अभियंताओं ने अपने बयान भी दर्ज करा दिए। जिन अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया गया है उनके उत्तरों के परीक्षण व मूल्यांकन के लिए यूपीसीएल व पिटकुल के कई निदेशकों की समिति गठित कर तमाम पहलुओं की जांच कराई गई है। प्रकरण पीएमओ के साथ ही मुख्य सतर्कता आयुक्त तक भी पहुंचा था।
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अब इस मामले में ऊर्जा सचिव राधिका झा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को रिपोर्ट सौंप दी है। मुख्यमंत्री रावत ने बताया कि उन्हें रिपोर्ट मिल गई है। अब जबकि मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा है तो इस मामले में दोषी अधिकारियों व अभियंताआेेें पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
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प्रकरण में शामिल कई अभियंताओें को अहम ओहदा देने की तैयारी
इस प्रकरण में शामिल कई अभियंताओं को जांच में क्लीन चिट देकर अहम ओहदा देने की तैयारी है। जिसे लेकर पिटकुल के अधिकारियों और कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन 12 अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया गया था, उनमें से आठ को क्लीन चिट देकर चार के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।