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परिवहन निगम प्रबंधन व कर्मचारी नेताओं के बीच वार्ता विफल
Fri, 10 May 2019 08:48 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 10 May 2019 08:48 AM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : अमर उजाला
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विभिन्न मांगों के लिए उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारियों की बृहस्पतिवार को परिवहन निगम प्रबंधन से हुई वार्ता विफल हो गई। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने अब कामकाज ठप कर 16 मई से सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान कर दिया है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन पदाधिकारियों ने विभिन्न मांगों के लिए मंडलीय प्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियाें ने चेतावनी भी दी थी कि यदि मांगों पर 15 मई तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो 16 मई से कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। यात्रा सीजन में कर्मचारियाें के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए महाप्रबंधक दीपक जैन ने मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा को यूनियन पदाधिकारियों से वार्ता करने को कहा था।
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मंडलीय प्रबंधक ने बृहस्पतिवार को यूनियन पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। लेकिन, प्रबंधन और यूनियन पदाधिकारियों के बीच किसी बात पर सहमति नहीं बनी। प्रबंधन की ओर से मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा, सहायक महाप्रबंधक पूजा केहड़ा, एआरएम वित्त रजनीश गुप्ता और यूनियन पदाधिकारियों की ओर से मंडलीय अध्यक्ष प्रवीण सैनी, मंत्री केपी सिंह, हरेंद्र कुमार, योगेश शर्मा, विपिन चौधरी व कुलदीप सिंह शामिल हुए। दूसरी ओर यूनियन के प्रांतीय महामंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि यदि 15 मई तक मांगें नहीं मानी गई तो 16 मई से कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे।
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ये हैं मांगे
बकाया वेतन और एरियर का भुगतान किया जाए, शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की एसीपी निरस्त कर रिकवरी कराई जाए और परिवहन निगम के बेड़े में नई बसों का शामिल किया जाए।