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आज शुरू होगा मरोज पर्व का उल्लास
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:01 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला
त्यूनी/साहिया। जौनसार बावर में माघ के उल्लास की तैयारियां पूरी हो गई हैं। कहीं आज (बुधवार) तो कहीं बृहस्पतिवार से पर्व की शुरुआत होगी। मरोज पर्व पर पूरा क्षेत्र मेहमान नवाजी के लिए प्रसिद्ध है।
अलग संस्कृति के लिए पहचान रखने वाले जौनसार बावर में माघ मास का खासा महत्व है। एक माह तक चलने वाले इस पर्व के दौरान पूरे माह पंचायती आंगन में लोक संस्कृति के रंग देखने को मिलते हैं। ढोल-दमाऊ की थाप पर तांदी, हारुल की जुगलबंदी जमती है।
मकर संक्रांति से दो से तीन दिन पहले क्षेत्र में पर्व की शुरुआत होती है। चकराता से आगे बावर इलाके में बुधवार से पर्व की शुरुआत होती है जबकि, चकराता से नीचे 11 जनवरी को पर्व की शुुरुआत होगी।
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यहां शुरू हुआ पर्व
जौनसार के अन्य गांव में जहां 10 जनवरी को पर्व की शुरुआत होगी। वहीं बावर, देवघार, सिलगा, बाणाधार, कयलू, खत में मंगलवार से पर्व की शुरुआत हो गई। सुबह के समय लोगों ने मंदिरों में जाकर देव आराधना की। देवता को खिचड़ी का भोग लगाया गया। जिसके बाद पंचायती आंगनों और घरों में बकरों को काटने का दौर शुरू हुआ।
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त्यूनी/साहिया। जौनसार बावर में माघ के उल्लास की तैयारियां पूरी हो गई हैं। कहीं आज (बुधवार) तो कहीं बृहस्पतिवार से पर्व की शुरुआत होगी। मरोज पर्व पर पूरा क्षेत्र मेहमान नवाजी के लिए प्रसिद्ध है।
अलग संस्कृति के लिए पहचान रखने वाले जौनसार बावर में माघ मास का खासा महत्व है। एक माह तक चलने वाले इस पर्व के दौरान पूरे माह पंचायती आंगन में लोक संस्कृति के रंग देखने को मिलते हैं। ढोल-दमाऊ की थाप पर तांदी, हारुल की जुगलबंदी जमती है।
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मकर संक्रांति से दो से तीन दिन पहले क्षेत्र में पर्व की शुरुआत होती है। चकराता से आगे बावर इलाके में बुधवार से पर्व की शुरुआत होती है जबकि, चकराता से नीचे 11 जनवरी को पर्व की शुुरुआत होगी।
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यहां शुरू हुआ पर्व
जौनसार के अन्य गांव में जहां 10 जनवरी को पर्व की शुरुआत होगी। वहीं बावर, देवघार, सिलगा, बाणाधार, कयलू, खत में मंगलवार से पर्व की शुरुआत हो गई। सुबह के समय लोगों ने मंदिरों में जाकर देव आराधना की। देवता को खिचड़ी का भोग लगाया गया। जिसके बाद पंचायती आंगनों और घरों में बकरों को काटने का दौर शुरू हुआ।