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संस्कृत विवि में छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:29 PM IST
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हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में दो छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश के बाद विवि की एंटी रैगिंग सेल को मामले की जांच सौंपी गई है। बताया जाता है कि छात्रों ने पहले विवि प्रशासन से इसकी शिकायत की थी, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जानकारी के अनुसार करीब दो महीने पहले विवि के दो सीनियर छात्रों ने दो छात्रों की अलग-अलग रैगिंग ली।
व्याकरण विभाग के छात्र मोहित शर्मा ने पिछले साल 22 नवंबर को इसकी शिकायत कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित और कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी से की थी। छात्रा ने आरोप लगाया कि था विवि में पीजी डिप्लोमा योग के छात्र विकास जोशी ने वरिष्ठता का हवाला देते हुए उसके साथ अभद्रता, गाली-गलौच कर उसके कपड़े फाड़ दिए और गला पकड़कर जान से मारने की धमकी दी है। विवि प्रशासन की ओर से एक करीब एक महीने बाद भी कोई कार्रवाई न करने पर पीड़ित छात्र मोहित शर्मा ने मामले की लिखित शिकायत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से की है।
एक अन्य मामले में भी एमए योग प्रथम सेमेस्टर के छात्र शुभम राज ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को लिखित शिकायत में बताया है कि पीजी डिप्लोमा योग के छात्र विकास जोशी अपनी वरिष्ठता का हवाला देकर नस्ली टिप्पणी करते हुए अभद्रता की। साथ ही उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी है। बताया जाता है कि विवि अनुदान आयोग की एंटी रैगिंग सेल ने मामले को गंभीरता से लिया और संस्कृत विवि प्रशासन को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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रैगिंग के संबंध में छात्रों की शिकायत प्राप्त हुई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की एंटी रैगिंग सेल ने भी छात्रों की शिकायत पर पत्र जारी किया है। इस मामले की जांच विवि की एंटी रैगिंग सेल को सौंप दी गई है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- गिरीश कुमार अवस्थी, कुलसचिव उत्तराखंड संस्कृत विवि।
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जानकारी के अनुसार करीब दो महीने पहले विवि के दो सीनियर छात्रों ने दो छात्रों की अलग-अलग रैगिंग ली।
व्याकरण विभाग के छात्र मोहित शर्मा ने पिछले साल 22 नवंबर को इसकी शिकायत कुलपति प्रो. पीयूषकांत दीक्षित और कुलसचिव गिरीश कुमार अवस्थी से की थी। छात्रा ने आरोप लगाया कि था विवि में पीजी डिप्लोमा योग के छात्र विकास जोशी ने वरिष्ठता का हवाला देते हुए उसके साथ अभद्रता, गाली-गलौच कर उसके कपड़े फाड़ दिए और गला पकड़कर जान से मारने की धमकी दी है। विवि प्रशासन की ओर से एक करीब एक महीने बाद भी कोई कार्रवाई न करने पर पीड़ित छात्र मोहित शर्मा ने मामले की लिखित शिकायत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से की है।
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एक अन्य मामले में भी एमए योग प्रथम सेमेस्टर के छात्र शुभम राज ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को लिखित शिकायत में बताया है कि पीजी डिप्लोमा योग के छात्र विकास जोशी अपनी वरिष्ठता का हवाला देकर नस्ली टिप्पणी करते हुए अभद्रता की। साथ ही उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी है। बताया जाता है कि विवि अनुदान आयोग की एंटी रैगिंग सेल ने मामले को गंभीरता से लिया और संस्कृत विवि प्रशासन को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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रैगिंग के संबंध में छात्रों की शिकायत प्राप्त हुई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की एंटी रैगिंग सेल ने भी छात्रों की शिकायत पर पत्र जारी किया है। इस मामले की जांच विवि की एंटी रैगिंग सेल को सौंप दी गई है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- गिरीश कुमार अवस्थी, कुलसचिव उत्तराखंड संस्कृत विवि।