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उद्घाटन मैच में उड़ीसा ने उतराखंड को हराया
Updated Sat, 15 Dec 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वेलहम ब्वॉयज स्कूल के मैदान पर शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट त्रिकोणीय सीरीज का उद्घाटन मैच उत्तराखंड और उड़ीसा के बीच खेला गया। उद्घाटन मैच में उड़ीसा ने उत्तराखंड को आठ से हरा दिया। मैच में ओवरआल प्लेयर ऑफ द मैच झिल्ली को घोषित किया गया। वहीं बी वन कैटेगिरी में प्लेयर ऑफ द मैच उड़ीसा की गायत्री रहीं।
मुकाबले में पहले खेलने उतरी उत्तराखंड की टीम ने आठ ओवरों में महज 60 रन ही बना सकी। टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज सफल नहीं रहा। यहां तक कि एक भी बाउंड्री नहीं लगी। जवाब में उतरी उड़ीसा की टीम ने आठ विकेट शेष रहते मैच जीत लिया। उड़ीसा की झिल्ली बेरिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए चार चौके भी लगाए।
इसके पहले डालनवाला स्थित वेलहम ब्वायज स्कूल में शुक्रवार को तीन दिवसीय त्रिकोणीय शृंखला का शुभारंभ मुख्य अतिथि वेलहम बॉयज के प्राधानाचार्य डॉ. गुरनीत बिंदा ने किया। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट में लड़कियों की प्रतिभा की सराहना की। विशिष्ट अतिथि एनआईईपीवीडी के निदेशक डॉ. नचिकेता राउत ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की जानकारी दी। समर्थनम् ट्रस्ट और क्रिकेट एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड के शैलेंद्र यादव ने बताया कि भारत में ब्लाइंड क्रिकेट की शुरुआत 1990 में हुई थी। इस समय 11 देशों में ब्लाइंड क्रिकेट खेला जाता है। ब्लाइंड क्रिकेट में प्रयोग की जाने वाली सफेद बॉल का परिष्कृत रूप भारत ने खोजा है, जो आज दुनियाभर में प्रयोग की जाती है। हमारी कोशिश 2019 के अंत तक देश की अंतरराष्ट्रीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम तैयार करने की है।
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वेलहम ब्वॉयज स्कूल के मैदान पर शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट त्रिकोणीय सीरीज का उद्घाटन मैच उत्तराखंड और उड़ीसा के बीच खेला गया। उद्घाटन मैच में उड़ीसा ने उत्तराखंड को आठ से हरा दिया। मैच में ओवरआल प्लेयर ऑफ द मैच झिल्ली को घोषित किया गया। वहीं बी वन कैटेगिरी में प्लेयर ऑफ द मैच उड़ीसा की गायत्री रहीं।
मुकाबले में पहले खेलने उतरी उत्तराखंड की टीम ने आठ ओवरों में महज 60 रन ही बना सकी। टीम की ओर से कोई भी बल्लेबाज सफल नहीं रहा। यहां तक कि एक भी बाउंड्री नहीं लगी। जवाब में उतरी उड़ीसा की टीम ने आठ विकेट शेष रहते मैच जीत लिया। उड़ीसा की झिल्ली बेरिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए चार चौके भी लगाए।
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इसके पहले डालनवाला स्थित वेलहम ब्वायज स्कूल में शुक्रवार को तीन दिवसीय त्रिकोणीय शृंखला का शुभारंभ मुख्य अतिथि वेलहम बॉयज के प्राधानाचार्य डॉ. गुरनीत बिंदा ने किया। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट में लड़कियों की प्रतिभा की सराहना की। विशिष्ट अतिथि एनआईईपीवीडी के निदेशक डॉ. नचिकेता राउत ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की जानकारी दी। समर्थनम् ट्रस्ट और क्रिकेट एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड के शैलेंद्र यादव ने बताया कि भारत में ब्लाइंड क्रिकेट की शुरुआत 1990 में हुई थी। इस समय 11 देशों में ब्लाइंड क्रिकेट खेला जाता है। ब्लाइंड क्रिकेट में प्रयोग की जाने वाली सफेद बॉल का परिष्कृत रूप भारत ने खोजा है, जो आज दुनियाभर में प्रयोग की जाती है। हमारी कोशिश 2019 के अंत तक देश की अंतरराष्ट्रीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम तैयार करने की है।
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