{"_id":"5a5399ff4f1c1bd5178b58c9","slug":"151542852714-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान की रौपाई करते जीतू को उच्च हिमालय क्षेत्र में ले गई वन देवियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान की रौपाई करते जीतू को उच्च हिमालय क्षेत्र में ले गई वन देवियां
Updated Mon, 08 Jan 2018 09:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीपलकोटी। बाटुला गांव में बगड़वाल नृत्य के दौरान सोमवार को बगड़वाल परिवार ने दूर-दराज के गांवों से आए भक्तों को आशीर्वाद दिया।
सोमवार को धान की रोपाई के दौरान वन देवियां जीतू बगड़वाल को अपने साथ ले जाती हैं। यह भावुक दृश्य देख ध्यांणियों के साथ ही भक्तों की आंखें नम हो गई। मान्यता है कि जीतू बगड़वाल जब अपनी बहन सोबनी के ससुराल जा रहा था, तो वह रास्ते में अपनी थकान मिटाने के लिए बैठ जाता है और बांसुरी बजाने लगता है। इसी दौरान वन देवियां वहां आती हैं और जीतू को अपने साथ उच्च हिमालय क्षेत्र में चलने के लिए कहती हैं। जीतू वन देवियों से आग्रह करता है कि वह अपनी बहन के घर धान की रोपाई करने के बाद आएगा। रोपाई के दिन वन देवियां जीतू को उठाकर ले जाती हैं। वहीं, निजमूला घाटी के गाड़ी गांव में भी बगड़वाल नृत्य हुआ।
वहीं पीपलकोटी के पाखी-गरुड़गंगा गांव में चल रहे पांडव नृत्य आयोजन के दौरान पांडव परिवार ने सल्ला (चीड़ का पेड़) प्रतीक आयोजन स्थल पर स्थापित किया। इस मौके पर पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पंवार, भगत सिंह, बलवंत सिंह, भूपाल सिंह, त्रिलोक सिंह, जगत किशोर डिमरी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
सोमवार को धान की रोपाई के दौरान वन देवियां जीतू बगड़वाल को अपने साथ ले जाती हैं। यह भावुक दृश्य देख ध्यांणियों के साथ ही भक्तों की आंखें नम हो गई। मान्यता है कि जीतू बगड़वाल जब अपनी बहन सोबनी के ससुराल जा रहा था, तो वह रास्ते में अपनी थकान मिटाने के लिए बैठ जाता है और बांसुरी बजाने लगता है। इसी दौरान वन देवियां वहां आती हैं और जीतू को अपने साथ उच्च हिमालय क्षेत्र में चलने के लिए कहती हैं। जीतू वन देवियों से आग्रह करता है कि वह अपनी बहन के घर धान की रोपाई करने के बाद आएगा। रोपाई के दिन वन देवियां जीतू को उठाकर ले जाती हैं। वहीं, निजमूला घाटी के गाड़ी गांव में भी बगड़वाल नृत्य हुआ।
वहीं पीपलकोटी के पाखी-गरुड़गंगा गांव में चल रहे पांडव नृत्य आयोजन के दौरान पांडव परिवार ने सल्ला (चीड़ का पेड़) प्रतीक आयोजन स्थल पर स्थापित किया। इस मौके पर पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पंवार, भगत सिंह, बलवंत सिंह, भूपाल सिंह, त्रिलोक सिंह, जगत किशोर डिमरी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन