{"_id":"5b917e0c867a55013f17c08c","slug":"151536261644-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईश्वर के आशीर्वाद से मिला देवभूमि की सेवा का अवसर: बेबी रानी मौर्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईश्वर के आशीर्वाद से मिला देवभूमि की सेवा का अवसर: बेबी रानी मौर्य
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने हरिद्वार पहुंचकर कनखल में जगद्गुरु आश्रम स्थित सिद्घेश्वर मंदिर में परिवार के साथ पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से मुलाकात की। इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने राज्यपाल से प्रदेश में शिक्षा एवं पर्यटन हब के विकास पर बात की और तीर्थाटन की स्थिति स्पष्ट कराकर अलग से मंत्रालय बनाने की सलाह दी। इस पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज को आश्वस्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से ही उन्हें देवभूमि की सेवा करने का मौका मिला है।
बृहस्पतिवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य अपने पति दीपक कुमार मौर्य, सास कमला मौर्य और मां कुसुम देवी के साथ कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम पहुंचीं। यहां जिलाधिकारी दीपक रावत ने उनकी अगवानी की। सलामी लेने के बाद राज्यपाल आश्रम स्थित सिद्घेश्वर मंदिर पहुंचीं और करीब 20 मिनट तक पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर प्रकाशानंद महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से पूरे परिवार ने आशीर्वाद लिया। करीब एक घंटे तक शंकराचार्य महाराज से बंद कमरे में वार्ता हुई। इसके बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
वह यमुना की धरती से अब गंगा और यमुना के मायके आकर उनकी आराधना कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रही हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश के भौगोलिक वातावरण से अवगत कराते हुए यहां पर शिक्षा और पर्यटन हब बनाने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने पर्यटन और तीर्थाटन की स्थिति को स्पष्ट कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यटन से प्रदेश में माहौल खराब हो रहा है। इसलिए पर्यटन से तीर्थाटन मंत्रालय अलग किया जाए। इस मौके पर भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा, बजरंग दल के प्रदेश संयोजक अनुज वालिया, जिला संयोजक नवीन तेश्वर, देवेंद्र प्रधान, अभिषेक, शिवकुमार त्यागी, रोहित सहगल, डॉ. गौरव, अशोक त्यागी, जगदीश गुप्ता आदि ने राज्यपाल का स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने हरिद्वार पहुंचकर कनखल में जगद्गुरु आश्रम स्थित सिद्घेश्वर मंदिर में परिवार के साथ पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से मुलाकात की। इस दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने राज्यपाल से प्रदेश में शिक्षा एवं पर्यटन हब के विकास पर बात की और तीर्थाटन की स्थिति स्पष्ट कराकर अलग से मंत्रालय बनाने की सलाह दी। इस पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज को आश्वस्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से ही उन्हें देवभूमि की सेवा करने का मौका मिला है।
बृहस्पतिवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य अपने पति दीपक कुमार मौर्य, सास कमला मौर्य और मां कुसुम देवी के साथ कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम पहुंचीं। यहां जिलाधिकारी दीपक रावत ने उनकी अगवानी की। सलामी लेने के बाद राज्यपाल आश्रम स्थित सिद्घेश्वर मंदिर पहुंचीं और करीब 20 मिनट तक पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर प्रकाशानंद महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज से पूरे परिवार ने आशीर्वाद लिया। करीब एक घंटे तक शंकराचार्य महाराज से बंद कमरे में वार्ता हुई। इसके बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि ईश्वर के आशीर्वाद से उन्हें देवभूमि उत्तराखंड की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
विज्ञापन
वह यमुना की धरती से अब गंगा और यमुना के मायके आकर उनकी आराधना कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रही हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को प्रदेश के भौगोलिक वातावरण से अवगत कराते हुए यहां पर शिक्षा और पर्यटन हब बनाने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने पर्यटन और तीर्थाटन की स्थिति को स्पष्ट कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यटन से प्रदेश में माहौल खराब हो रहा है। इसलिए पर्यटन से तीर्थाटन मंत्रालय अलग किया जाए। इस मौके पर भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा, बजरंग दल के प्रदेश संयोजक अनुज वालिया, जिला संयोजक नवीन तेश्वर, देवेंद्र प्रधान, अभिषेक, शिवकुमार त्यागी, रोहित सहगल, डॉ. गौरव, अशोक त्यागी, जगदीश गुप्ता आदि ने राज्यपाल का स्वागत किया।
विज्ञापन