{"_id":"5b7b25c342c792462e3b2e80","slug":"151534797251-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गढ़वाल राइफल्स ने धूमधाम से मनाया 102वां स्थापना दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गढ़वाल राइफल्स ने धूमधाम से मनाया 102वां स्थापना दिवस
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़वाल राइफल्स के जवानों का पराक्रम अविस्मरणीय
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गढ़वाल राइफल्स की तीसरी बटालियन के पूर्व सैनिकों ने बटालियन का 102वां स्थापना दिवस सोमवार को धूमधाम से मनाया। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।
शिमला बाईपास स्थित पेलियो रतनपुर के एक वेडिंग प्वाइंट में सोमवार को आयोजित स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ कर्नल आरके पंत (रिटा.) ने किया। इस दौरान उन्होंने शहीद सैनिकों के चित्र पर पुष्प चढ़ाए। पूर्व सैनिक समिति के अध्यक्ष कैप्टन दीवान सिंह ने बटालियन के इतिहास पर चर्चा की। कैप्टन दीवान सिंह ने बताया कि गढ़वाल राइफ ल्स की तीसरी बटालियन की स्थापना 20 अगस्त 1916 को लैंसडौन में हुई थी। बटालियन के पहले कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल जेएमटी हग थे। कैप्टन बलबीर सिंह रावत (रिटा.) ने कहा कि बटालियन के जवानों ने विभिन्न युद्धों में अपने पराक्रम का लोहा मनवाया है जो अविस्मरणीय है। अफ गान युद्ध से लेकर जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की घुसपैठ को रोकना या फि र असम व मिजोरम में विद्रोहियों को मुख्यधारा में लाना, गढ़वाल राइफ ल्स की तीसरी बटालियन ने हर मोर्चे पर अपनी श्रेष्ठता व कर्त्तव्य निष्ठा का परिचय दिया। बटालियन को भारत-पाक युद्ध के दौरान वर्ष 1948 में जम्मू-कश्मीर में टिथवाल की लड़ाई में लेफ्टिनेंट कर्नल कमान सिंह के नेतृत्व में सबसे अधिक वीरता पदक प्राप्त हुए थे। इस युद्ध में बटालियन के सैनिकों को एक महावीर चक्र, 18 वीर चक्र, एक शौर्य चक्र और 16 मेंशन इन डिस्पैच मिले थे। इस मौके पर सुबेदार बलबीर सिंह गड़िया (रिटा.), रणजीत सिंह चौधरी, जयराज सिंह, नंदा सिंह, दिलवर सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
पूर्व सैनिक अर्द्ध सैनिक संगठन का स्थापना दिवस 23 को
उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्द्ध सैनिक संयुक्त संगठन का 25वां स्थापना दिवस 23 अगस्त को मनाया जाएगा। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष एमएन बंदूनी ने बताया कि जोगीवाला स्थित वेडिंग प्वाइंट में आयोजित होने वाले स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, अर्द्ध सैनिक व उनके पारिवारिक सदस्य शामिल होंगे। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राएं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गढ़वाल राइफल्स की तीसरी बटालियन के पूर्व सैनिकों ने बटालियन का 102वां स्थापना दिवस सोमवार को धूमधाम से मनाया। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया।
शिमला बाईपास स्थित पेलियो रतनपुर के एक वेडिंग प्वाइंट में सोमवार को आयोजित स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ कर्नल आरके पंत (रिटा.) ने किया। इस दौरान उन्होंने शहीद सैनिकों के चित्र पर पुष्प चढ़ाए। पूर्व सैनिक समिति के अध्यक्ष कैप्टन दीवान सिंह ने बटालियन के इतिहास पर चर्चा की। कैप्टन दीवान सिंह ने बताया कि गढ़वाल राइफ ल्स की तीसरी बटालियन की स्थापना 20 अगस्त 1916 को लैंसडौन में हुई थी। बटालियन के पहले कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल जेएमटी हग थे। कैप्टन बलबीर सिंह रावत (रिटा.) ने कहा कि बटालियन के जवानों ने विभिन्न युद्धों में अपने पराक्रम का लोहा मनवाया है जो अविस्मरणीय है। अफ गान युद्ध से लेकर जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की घुसपैठ को रोकना या फि र असम व मिजोरम में विद्रोहियों को मुख्यधारा में लाना, गढ़वाल राइफ ल्स की तीसरी बटालियन ने हर मोर्चे पर अपनी श्रेष्ठता व कर्त्तव्य निष्ठा का परिचय दिया। बटालियन को भारत-पाक युद्ध के दौरान वर्ष 1948 में जम्मू-कश्मीर में टिथवाल की लड़ाई में लेफ्टिनेंट कर्नल कमान सिंह के नेतृत्व में सबसे अधिक वीरता पदक प्राप्त हुए थे। इस युद्ध में बटालियन के सैनिकों को एक महावीर चक्र, 18 वीर चक्र, एक शौर्य चक्र और 16 मेंशन इन डिस्पैच मिले थे। इस मौके पर सुबेदार बलबीर सिंह गड़िया (रिटा.), रणजीत सिंह चौधरी, जयराज सिंह, नंदा सिंह, दिलवर सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद रहे।
विज्ञापन
पूर्व सैनिक अर्द्ध सैनिक संगठन का स्थापना दिवस 23 को
उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्द्ध सैनिक संयुक्त संगठन का 25वां स्थापना दिवस 23 अगस्त को मनाया जाएगा। संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष एमएन बंदूनी ने बताया कि जोगीवाला स्थित वेडिंग प्वाइंट में आयोजित होने वाले स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, अर्द्ध सैनिक व उनके पारिवारिक सदस्य शामिल होंगे। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राएं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे।
विज्ञापन