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विकास में पूर्व सैनिकों का भी योगदान - सीएम
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पीबीओआर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन का 9वां स्थापना दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में पूर्व सैनिकों की ऊर्जा का विशेष योगदान है। उत्तराखंड में सैनिकों और पूर्व सैनिकों की करीब 16 फीसदी आबादी है। देश की सुरक्षा के साथ राज्य के विकास में सैनिकों और पूर्व सैनिकों का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि पलायन बड़ी समस्या है। इसे रोकने के लिए सरकार प्रदेश न्याय पंचायत स्तर पर 670 ग्रोथ सेंटर खोलने जा रही है। ग्रोथ सेंटरों के संचालन के लिए प्रशिक्षित और अनुशासित लोगों की जरूरत है। पूर्व सैनिकों से बेहतर यह कार्य कोई दूसरा नहीं कर सकता है।
कौलागढ़ रोड स्थित एएमएन घोष ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। श्रीनगर में देश का दूसरा आर्म फोर्स मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। विधायक गणेश जोशी ने कहा कि पूर्व सैनिकों के हल्द्वानी में ऐतिहासिक सम्मेलन के बाद अब रानीखेत और श्रीनगर में सम्मेलन होगा। इसके माध्यम से पूर्व सैनिकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा कि उनकी संस्था पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों के लिए कार्य कर रही है। पेंशन से लेकर सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सैनिक परिवारों तक पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी वर्ग से नीचे के पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग की ओर से 50 फीसदी से अधिक नंबर वालों को छात्रवृत्ति दी जाती थी।
लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने छात्रवृत्ति के मानकों में बदलाव कर दिया, जिससे बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इसे दोबारा लागू करने की मांग की। सचिव कलम सिंह फर्सवाण और महासचिव आरडी शाही ने कहा कि उपनल के माध्यम से सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वालों को अकुशलता की श्रेणी में रखा है। जबकि, सैनिक 20-20 साल तक देश की सीमाओं की सुरक्षा कर सेवानिवृत्त हुए हैं। समारोह में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सम्मानित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। समारोह में रमेश रावत, वाईडी शर्मा, केबी गुरुंग, राजकुमारी थापा, कमला गुरंग, ममता थापा, माधुरी राई, बीना बिष्ट, रेखा थापा आदि उपस्थित थे।
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पीबीओआर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन का 9वां स्थापना दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में पूर्व सैनिकों की ऊर्जा का विशेष योगदान है। उत्तराखंड में सैनिकों और पूर्व सैनिकों की करीब 16 फीसदी आबादी है। देश की सुरक्षा के साथ राज्य के विकास में सैनिकों और पूर्व सैनिकों का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि पलायन बड़ी समस्या है। इसे रोकने के लिए सरकार प्रदेश न्याय पंचायत स्तर पर 670 ग्रोथ सेंटर खोलने जा रही है। ग्रोथ सेंटरों के संचालन के लिए प्रशिक्षित और अनुशासित लोगों की जरूरत है। पूर्व सैनिकों से बेहतर यह कार्य कोई दूसरा नहीं कर सकता है।
कौलागढ़ रोड स्थित एएमएन घोष ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। श्रीनगर में देश का दूसरा आर्म फोर्स मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहा है। विधायक गणेश जोशी ने कहा कि पूर्व सैनिकों के हल्द्वानी में ऐतिहासिक सम्मेलन के बाद अब रानीखेत और श्रीनगर में सम्मेलन होगा। इसके माध्यम से पूर्व सैनिकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा कि उनकी संस्था पूर्व सैनिक और उनके आश्रितों के लिए कार्य कर रही है। पेंशन से लेकर सरकार की कल्याणकारी योजनाएं सैनिक परिवारों तक पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी वर्ग से नीचे के पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग की ओर से 50 फीसदी से अधिक नंबर वालों को छात्रवृत्ति दी जाती थी।
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लेकिन पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने छात्रवृत्ति के मानकों में बदलाव कर दिया, जिससे बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इसे दोबारा लागू करने की मांग की। सचिव कलम सिंह फर्सवाण और महासचिव आरडी शाही ने कहा कि उपनल के माध्यम से सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वालों को अकुशलता की श्रेणी में रखा है। जबकि, सैनिक 20-20 साल तक देश की सीमाओं की सुरक्षा कर सेवानिवृत्त हुए हैं। समारोह में पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को सम्मानित किया गया। इस दौरान कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। समारोह में रमेश रावत, वाईडी शर्मा, केबी गुरुंग, राजकुमारी थापा, कमला गुरंग, ममता थापा, माधुरी राई, बीना बिष्ट, रेखा थापा आदि उपस्थित थे।
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