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दिन में निकली धूप खिलने से मिली शीत ठंड से राहत 20-22-51
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:53 PM IST
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हरिद्वार। शहर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। सुबह के समय स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। 11 बजे के बाद कोहरा छंटा और सूर्यदेव के दर्शन हुए। दोपहर के समय धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। शाम के समय फिर कड़ाके की ठंड पड़ी। बृहस्पतिवार के मुकाबले में तापमान सात डिग्री बढ़कर 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सर्दी से फिलहाल कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
बृहस्पतिवार को हरिद्वार में दिनभर कोहरा छाया था। शुक्रवार सुबह तक भी यही स्थिति बनी रही। शुक्रवार को राहत वाली बात यह रही कि दिन में धूप निकल आई और अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। शाम के समय हवाएं चलने से मौसम फिर ठंडा हो गया। बहुत कम लोग ही सड़कों और बाजारों में नजर आए।
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बंद कमरों में न जलाएं अंगीठी
विशेषज्ञों ने बंद कमरों में अलाव की अंगीठी न जलाने की सलाह दी है। अंगीठी में कच्चे कोयले या लकड़ी का इस्तेमाल होता है। इससे कॉर्बन मोनो ऑक्साइड गैस निकलती है। यह गैस कमरे में ऑक्सीजन को रिप्लेस कर दी है। ऑक्सीजन की कमी से व्यक्ति बेहोशी की स्थिति में चला जाता है। इससे दम घुटने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अंगीठी जलाते समय कमरे की खिड़की खुला रखें।
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बृहस्पतिवार को हरिद्वार में दिनभर कोहरा छाया था। शुक्रवार सुबह तक भी यही स्थिति बनी रही। शुक्रवार को राहत वाली बात यह रही कि दिन में धूप निकल आई और अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। शाम के समय हवाएं चलने से मौसम फिर ठंडा हो गया। बहुत कम लोग ही सड़कों और बाजारों में नजर आए।
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बंद कमरों में न जलाएं अंगीठी
विशेषज्ञों ने बंद कमरों में अलाव की अंगीठी न जलाने की सलाह दी है। अंगीठी में कच्चे कोयले या लकड़ी का इस्तेमाल होता है। इससे कॉर्बन मोनो ऑक्साइड गैस निकलती है। यह गैस कमरे में ऑक्सीजन को रिप्लेस कर दी है। ऑक्सीजन की कमी से व्यक्ति बेहोशी की स्थिति में चला जाता है। इससे दम घुटने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि अंगीठी जलाते समय कमरे की खिड़की खुला रखें।
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