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निगम की अधिसूचना को हाईकोर्ट में दी चुनौती
Updated Fri, 05 Jan 2018 02:01 AM IST
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निगम की अधिसूचना को हाईकोर्ट में दी चुनौती
-- ग्राम पंचायत ऋषिकेश की प्रधान की याचिका पर हुई सुनवाई
-- राज्य सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। ग्राम पंचायत ऋषिकेश की प्रधान अनीता असवाल की ओर से वनभूमि पर काबिज गांव के बापूग्राम व अन्य क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करने पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट में राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने छह सप्ताह में सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय ने ग्राम प्रधान अनीता असवाल की याचिका पर सुनवाई की। प्रधान ने बताया कि हाईकोर्ट में राज्य सरकार की अधिसूचना को वनभूमि पर काबिज बापूग्राम को नगर निकाय में सम्मलित करने को चुनौती दी गई है। बताया कि बीते वर्ष 2017 में भी सरकार ने बापूग्राम को निकाय में मर्ज करने की घोषणा की थी, लेकिन वन विभाग ने इससे इनकार कर दिया था।
बताया कि पांच साल का कार्यकाल पूर्ण किए बगैर पंचायत को किसी भी कानून के तहत भंग नहीं किया जा सकता है। बापूग्राम और ग्रामसभा ऋषिकेश को सरकार ने अधिसूचना के द्वारा नगरपालिका ऋषिकेश में इसलिए मर्ज कर दिया, ताकि पालिका को नगर निगम घोषित किया जा सके। बताया कि याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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उधर, प्रधान अनीता असवाल ने कहा कि उन्हें नगर निकाय में शामिल होने से कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते सरकार बापूग्राम समेत ग्रामसभा के वनभूमि पर काबिज 10 वार्डों के लोगों को मालिकाना हक प्रदान कर दे।
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-- ग्राम पंचायत ऋषिकेश की प्रधान की याचिका पर हुई सुनवाई
-- राज्य सरकार को छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। ग्राम पंचायत ऋषिकेश की प्रधान अनीता असवाल की ओर से वनभूमि पर काबिज गांव के बापूग्राम व अन्य क्षेत्र को नगर निगम में शामिल करने पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट में राज्य सरकार की अधिसूचना को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने छह सप्ताह में सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय ने ग्राम प्रधान अनीता असवाल की याचिका पर सुनवाई की। प्रधान ने बताया कि हाईकोर्ट में राज्य सरकार की अधिसूचना को वनभूमि पर काबिज बापूग्राम को नगर निकाय में सम्मलित करने को चुनौती दी गई है। बताया कि बीते वर्ष 2017 में भी सरकार ने बापूग्राम को निकाय में मर्ज करने की घोषणा की थी, लेकिन वन विभाग ने इससे इनकार कर दिया था।
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बताया कि पांच साल का कार्यकाल पूर्ण किए बगैर पंचायत को किसी भी कानून के तहत भंग नहीं किया जा सकता है। बापूग्राम और ग्रामसभा ऋषिकेश को सरकार ने अधिसूचना के द्वारा नगरपालिका ऋषिकेश में इसलिए मर्ज कर दिया, ताकि पालिका को नगर निगम घोषित किया जा सके। बताया कि याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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उधर, प्रधान अनीता असवाल ने कहा कि उन्हें नगर निकाय में शामिल होने से कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते सरकार बापूग्राम समेत ग्रामसभा के वनभूमि पर काबिज 10 वार्डों के लोगों को मालिकाना हक प्रदान कर दे।