{"_id":"5a4e5e5d4f1c1b1f168b6db2","slug":"151508557514-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चमोली में बगड़वाल और पांडव नृत्य की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चमोली में बगड़वाल और पांडव नृत्य की धूम
Updated Thu, 04 Jan 2018 10:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पीपलकोटी। दशोली ब्लाक के गाड़ी और बाटुला गांव में बगड़वाल नृत्य की धूम मची है। वहीं, बंड क्षेत्र के नौरख गांव में पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है।
निजमूला घाटी के गाड़ी गांव में बृृहस्पतिवार को विधि-विधान से बगड़वाल नृत्य का आयोजन शुरू हुआ। बिरही, सैंजी, व्यारा, गौंणा और निजमुला के साथ ही समीपवर्ती गांवों के भक्तों ने अपने आराध्य देव के दर्शन कर मनौतियां मांगीं। बगड़वाल परिवार ने भी अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया। ग्राम प्रधान कुसुम देवी ने बताया कि बगड़वाल नृत्य का आयोजन 12 जनवरी तक चलेगा। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य सुलप सिंह, मंगल सिंह, राजेंद्र सिंह, नंदन सिंह, शिवराज सिंह व रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे। वहीं, नौरख गांव में चल रहे पांडव नृत्य आयोजन के दौरान पांडव परिवार ने सल्ला (चीड़ का पेड़) आयोजन स्थल पर स्थापित किया। मान्यता है कि जब पांडव अज्ञातवास में थे तो इस दौरान उन्होंने अपने अस्त्र-शस्त्र चीड़ के पेड़ पर छिपाकर रखे थे। आयोजन में शामिल होने के लिए प्रवासी ग्रामीण भी अपने घर पहुंचे हुए हैं। इस मौके पर बहादुर सिंह भंडारी, अतुल शाह, प्रमोद राणा, जसवंत राणा, मोहन राणा, देवेंद्र सिंह नेगी, तारेंद्र नेगी, त्रिलोक, हर्षराज तड़ियाल और ललित शाह आदि मौजूद थे। वहीं, बाटुला गांव में भी पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है।
निजमूला घाटी के गाड़ी गांव में बृृहस्पतिवार को विधि-विधान से बगड़वाल नृत्य का आयोजन शुरू हुआ। बिरही, सैंजी, व्यारा, गौंणा और निजमुला के साथ ही समीपवर्ती गांवों के भक्तों ने अपने आराध्य देव के दर्शन कर मनौतियां मांगीं। बगड़वाल परिवार ने भी अपने भक्तों को आशीर्वाद दिया। ग्राम प्रधान कुसुम देवी ने बताया कि बगड़वाल नृत्य का आयोजन 12 जनवरी तक चलेगा। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य सुलप सिंह, मंगल सिंह, राजेंद्र सिंह, नंदन सिंह, शिवराज सिंह व रघुवीर सिंह आदि मौजूद थे। वहीं, नौरख गांव में चल रहे पांडव नृत्य आयोजन के दौरान पांडव परिवार ने सल्ला (चीड़ का पेड़) आयोजन स्थल पर स्थापित किया। मान्यता है कि जब पांडव अज्ञातवास में थे तो इस दौरान उन्होंने अपने अस्त्र-शस्त्र चीड़ के पेड़ पर छिपाकर रखे थे। आयोजन में शामिल होने के लिए प्रवासी ग्रामीण भी अपने घर पहुंचे हुए हैं। इस मौके पर बहादुर सिंह भंडारी, अतुल शाह, प्रमोद राणा, जसवंत राणा, मोहन राणा, देवेंद्र सिंह नेगी, तारेंद्र नेगी, त्रिलोक, हर्षराज तड़ियाल और ललित शाह आदि मौजूद थे। वहीं, बाटुला गांव में भी पांडव नृत्य का आयोजन हो रहा है।