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मातृसदन ने धारा- 144 लागू करने को बताया गैरकानूनी
Updated Sat, 30 Dec 2017 11:45 PM IST
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हरिद्वार। जिला प्रशासन की ओर से मातृसदन को धारा -144 का नोटिस जारी किए जाने को लेकर मातृसदन संतों ने पलटवार कर दिया है। मातृसदन संतों ने कहा है कि जिला प्रशासन को धारा-144 के तहत नोटिस जारी करने का अधिकार ही नही है।
मातृसदन के स्वामी दयानंद का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से धारा-144 को लेकर जो नोटिस जारी किया है वह पूरी तरह गैरकानूनी है। स्वामी दयानंद का कहना है कि परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद वर्तमान मेें अनशन (तपस्या) में है जो उनका धार्मिक अधिकार है। ऐसे में उनके द्वारा धारा-144 का उल्लंघन कैसे हो सकता है। इतना ही नहीं स्वामी दयानंद का कहना है कि धारा-144 का नोटिस अपर जिलाधिकारी द्वारा जारी किया गया जो गलत है। जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के अलावा अपर जिलाधिकारी को नोटिस जारी करने का अधिकार ही नही है। सुप्रीमकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए स्वामी दयानंद का कहना है कि सर्वोच्च अदालत ने आदेश जारी किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी जमीन पर धार्मिक कर्म करने का पूरा अधिकार है। उसे धारा - 144 का नोटिस जारी कर रोका नही जा सकता है। स्वामी दयानंद का कहना है कि जिला प्रशासन अपना नोटिस वापस लें वरना सुप्रीमकोर्ट की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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मातृसदन ने जारी किया वीडियो
मातृसदन की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें जिलाधिकारी दीपक रावत के आदेश पर की कार्रवाई को संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया गया है। मातृसदन का कहना है कि पिछले दिनों महामना जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी आत्मबोधानंद ने तथ्यों के साथ विरोध किया था। जो कि उनका संवैधानिक अधिकार है लेकिन जिलाधिकारी के आदेश पर न सिर्फ स्वामी आत्मबोधानंद को हिरासत में लिया गया वरन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भी भेज दिया गया।
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मातृसदन के स्वामी दयानंद का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से धारा-144 को लेकर जो नोटिस जारी किया है वह पूरी तरह गैरकानूनी है। स्वामी दयानंद का कहना है कि परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद वर्तमान मेें अनशन (तपस्या) में है जो उनका धार्मिक अधिकार है। ऐसे में उनके द्वारा धारा-144 का उल्लंघन कैसे हो सकता है। इतना ही नहीं स्वामी दयानंद का कहना है कि धारा-144 का नोटिस अपर जिलाधिकारी द्वारा जारी किया गया जो गलत है। जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के अलावा अपर जिलाधिकारी को नोटिस जारी करने का अधिकार ही नही है। सुप्रीमकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए स्वामी दयानंद का कहना है कि सर्वोच्च अदालत ने आदेश जारी किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी जमीन पर धार्मिक कर्म करने का पूरा अधिकार है। उसे धारा - 144 का नोटिस जारी कर रोका नही जा सकता है। स्वामी दयानंद का कहना है कि जिला प्रशासन अपना नोटिस वापस लें वरना सुप्रीमकोर्ट की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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मातृसदन ने जारी किया वीडियो
मातृसदन की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है जिसमें जिलाधिकारी दीपक रावत के आदेश पर की कार्रवाई को संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया गया है। मातृसदन का कहना है कि पिछले दिनों महामना जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी आत्मबोधानंद ने तथ्यों के साथ विरोध किया था। जो कि उनका संवैधानिक अधिकार है लेकिन जिलाधिकारी के आदेश पर न सिर्फ स्वामी आत्मबोधानंद को हिरासत में लिया गया वरन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भी भेज दिया गया।
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