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...हरिद्वार हैमर्स की टीम का पता कटा, प्रतियोगिता से हटाया
Updated Thu, 28 Dec 2017 10:49 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता के खिताब का प्रबल दावेदार मानी जा रही हरिद्वार हैमर्स सेमीफाइनल खेले बिना बाहर हो गई है। गलत पहचान पत्र देने पर जीपीएल कमेटी ने तीन खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाते हुए हरिद्वार को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। इस प्रतिबंध का लाभ क्वार्टर फाइनल में हरिद्वार से हारी टिहरी स्कोचर्स को मिला है। अब टिहरी को सेमीफाइनल खेलने का मौका मिल गया है। वहीं, टिहरी के दो खिलाड़ियों को मैच के दौरान गलत व्यवहार करने पर एक मैच के लिए निलंबित किया गया है।
बुधवार को टिहरी स्कोचर्स व हरिद्वार हेमर्स के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला गया। हरिद्वार की टीम ने टिहरी को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। प्रतियोगिता के बाद टिहरी की ओर से हरिद्वार के खिलाड़ी शेखर, विदित व दिव्यांश के कागजात पेश किए गए। टिहरी का कहना था कि तीनों खिलाड़ी उत्तराखंड मूल के नहीं हैं। खिलाड़ियों ने जो दस्तावेज कमेटी को दिए हैं, वह फर्जी हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष गिरीश पैन्यूली और कुलवीर उनियाल ने बताया कि जांच में तीनों खिलाड़ियों के दस्तावेज गलत मिलने पर टीम को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। इसके साथ ही टिहरी के इशांत नेगी व मयंक पटवाल को प्रतिद्वंदियों के साथ गलत व्यवहार करने पर एक मैच के लिए बैन लगाया गया है।
बुधवार को टिहरी स्कोचर्स व हरिद्वार हेमर्स के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला गया। हरिद्वार की टीम ने टिहरी को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। प्रतियोगिता के बाद टिहरी की ओर से हरिद्वार के खिलाड़ी शेखर, विदित व दिव्यांश के कागजात पेश किए गए। टिहरी का कहना था कि तीनों खिलाड़ी उत्तराखंड मूल के नहीं हैं। खिलाड़ियों ने जो दस्तावेज कमेटी को दिए हैं, वह फर्जी हैं।
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आयोजन समिति के अध्यक्ष गिरीश पैन्यूली और कुलवीर उनियाल ने बताया कि जांच में तीनों खिलाड़ियों के दस्तावेज गलत मिलने पर टीम को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। इसके साथ ही टिहरी के इशांत नेगी व मयंक पटवाल को प्रतिद्वंदियों के साथ गलत व्यवहार करने पर एक मैच के लिए बैन लगाया गया है।
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