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।आखिर कौन सच्चा, कौन झूठा
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:29 AM IST
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हरिद्वार। जिलाधिकारी दीपक रावत को भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय रत्न से नवाजे जाने का मामला अब मातृसदन बनाम मानव सेवा संस्थान में तब्दील हो गया है। मानव सेवा संस्थान ने मातृसदन के संतों पर मोबाइल फोन पर धमकी देने व कार्यक्रम में विघ्न डालने का आरोप लगाया। उधर, मातृसदन ने संस्था अध्यक्ष से हुई बातचीत की ऑडियो टेप और कार्यक्रम की वीडियो जारी की। मातृसदन का दावा है कि वीडियो में स्वामी आत्मबोधानंद शांति से अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं।
सोमवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज कैंपस में मानव सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी को मालवीय रत्न देने के विरोध में उतरे स्वामी आत्मबोधानंद को सोमवार रात ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। दिन ढलते-ढलते मानव सेवा संस्थान ने मातृसदन के संत दयानंद पर मोबाइल फोन पर धमकी देने और स्वामी आत्मबोधानंद पर कार्यक्रम में विघ्न डालने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। इस पर मंगलवार को मातृसदन ने पलटवार करते हुए ऑडियो टेप जारी किया। स्वामी शिवानंद ने दावा किया कि टेप में धमकी देने जैसी कोई बात नहीं कही गई है। एक वीडियो भी जारी किया गया है। इसमें स्वामी आत्मबोधानंद डीएम का विरोध कर रहे हैं लेकिन, हंगामे जैसी कोई बात ही नहीं है। अब सवाल यह है कि सच्चा कौन है।
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सोमवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज कैंपस में मानव सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी को मालवीय रत्न देने के विरोध में उतरे स्वामी आत्मबोधानंद को सोमवार रात ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। दिन ढलते-ढलते मानव सेवा संस्थान ने मातृसदन के संत दयानंद पर मोबाइल फोन पर धमकी देने और स्वामी आत्मबोधानंद पर कार्यक्रम में विघ्न डालने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। इस पर मंगलवार को मातृसदन ने पलटवार करते हुए ऑडियो टेप जारी किया। स्वामी शिवानंद ने दावा किया कि टेप में धमकी देने जैसी कोई बात नहीं कही गई है। एक वीडियो भी जारी किया गया है। इसमें स्वामी आत्मबोधानंद डीएम का विरोध कर रहे हैं लेकिन, हंगामे जैसी कोई बात ही नहीं है। अब सवाल यह है कि सच्चा कौन है।
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