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तीन दिन बाद जारी होगी फर्जी संतों की सूची ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:29 AM IST
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हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक 29 दिसंबर को प्रयाग में बुलाई गई है। इसमें करीब 15 फर्जी संतों की घोषणा की जाएगी। इस बार घोषणा के बाद क्रियान्वयन के लिए भी रणनीति घोषित की जाएगी। पूर्व में घोषित 14 फर्जी संतों की गतिविधियों पर भी एक रिपोर्ट रखी जाएगी। साथ ही अखाड़ों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों, विवादित एवं लापता संतों के बारे में निर्णय होगा।
गौरतलब है कि अखाड़ा परिषद पहले ही देश 14 प्रमुख संतों को फर्जी घोषित कर चुकी है। इनमें से अधिकांश संत जेलों में हैं। जो बाहर हैं, उनके भी जाने की तैयारी है। इस संबंध में तीन फर्जी संतों के क्रियाकलाप परिषद के बैठक में रखे जाएंगे। अखाड़ा परिषद ने करीब 32 ऐसे संतों की आरंभिक चरण में सूची बनाई है जो संत जगत को बदनाम कर रहे हैं। इनमें से कुछ पर कुछ अखाड़ों को आपत्ति है। बैठक छंटनी के बाद करीब 15 फर्जी संतों की सूची जारी करेगी। अखाड़ा परिषद इस दिशा में सर्वसम्मत प्रस्ताव लाने के लिए पहले से तैयारियों में जुटी हुई है। अखाड़ा परिषद ने काफी समय पूर्व घोषणा की थी कि परिषद अपने भीतर भी झांकेगी। निवृत अध्यक्ष श्रीमहंत महंत ज्ञानदास ने कईं अखाड़ों के फर्जी बाबाओं की सूची बनाई थी जो बहु विवादित है। ज्ञानदास की सूूची में उन बाबाओं के नाम रखे गए थे जिन पर थानों में एफआईआर दर्ज है। एक कमेटी बनाकर जानकारी इकट्ठा करने के लिए देश भर में भेजा गया था लेकिन, उस समय कईं अखाड़ों ने कड़ी आपत्ति जताई और उसी बीच ज्ञानदास को हटना पड़ा। चर्चा है कि अब उस सूची के नाम एक बार फिर से हासिल कर लिए हैं। इस प्रस्तावित बैठक में तो नहीं अलबत्ता अगली बैठक में उन पर भी विचार और निर्णय संभव है।
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि परिषद की यह बैठक अनेक मायनों में विशेष हो गई है। इस समय प्रयाग में कुंभ की तैयारियों जो शोर से चल रही हैं। उस बारे में कईं अखाड़े अपनी राय रखना चाहते हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के साथ लगातार वार्ता चल रही है। नरेंद्र गिरि ने बताया कि इस बैठक में फर्जी संतों की फर्जी सूची जरूर जारी होगी।
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गौरतलब है कि अखाड़ा परिषद पहले ही देश 14 प्रमुख संतों को फर्जी घोषित कर चुकी है। इनमें से अधिकांश संत जेलों में हैं। जो बाहर हैं, उनके भी जाने की तैयारी है। इस संबंध में तीन फर्जी संतों के क्रियाकलाप परिषद के बैठक में रखे जाएंगे। अखाड़ा परिषद ने करीब 32 ऐसे संतों की आरंभिक चरण में सूची बनाई है जो संत जगत को बदनाम कर रहे हैं। इनमें से कुछ पर कुछ अखाड़ों को आपत्ति है। बैठक छंटनी के बाद करीब 15 फर्जी संतों की सूची जारी करेगी। अखाड़ा परिषद इस दिशा में सर्वसम्मत प्रस्ताव लाने के लिए पहले से तैयारियों में जुटी हुई है। अखाड़ा परिषद ने काफी समय पूर्व घोषणा की थी कि परिषद अपने भीतर भी झांकेगी। निवृत अध्यक्ष श्रीमहंत महंत ज्ञानदास ने कईं अखाड़ों के फर्जी बाबाओं की सूची बनाई थी जो बहु विवादित है। ज्ञानदास की सूूची में उन बाबाओं के नाम रखे गए थे जिन पर थानों में एफआईआर दर्ज है। एक कमेटी बनाकर जानकारी इकट्ठा करने के लिए देश भर में भेजा गया था लेकिन, उस समय कईं अखाड़ों ने कड़ी आपत्ति जताई और उसी बीच ज्ञानदास को हटना पड़ा। चर्चा है कि अब उस सूची के नाम एक बार फिर से हासिल कर लिए हैं। इस प्रस्तावित बैठक में तो नहीं अलबत्ता अगली बैठक में उन पर भी विचार और निर्णय संभव है।
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अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने बताया कि परिषद की यह बैठक अनेक मायनों में विशेष हो गई है। इस समय प्रयाग में कुंभ की तैयारियों जो शोर से चल रही हैं। उस बारे में कईं अखाड़े अपनी राय रखना चाहते हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के साथ लगातार वार्ता चल रही है। नरेंद्र गिरि ने बताया कि इस बैठक में फर्जी संतों की फर्जी सूची जरूर जारी होगी।
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