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शिक्षक सत्येंद्र भंडारी को मिलेगा शौर्य पुरस्कार
Updated Mon, 25 Dec 2017 10:25 PM IST
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श्रीनगर। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर प्रदेश के विकास में सहयोग और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य करने वाले शिक्षक सत्येंद्र भंडारी का शौर्य पुरस्कार के चयन किया गया है। सोमवार को शौर्य यात्रा अभियान कमेटी की जीएमवीएन कार्यालय में पूर्व मंत्री डॉ. मोहन सिंह रावत गांववासी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में कमेटी ने स्कूली शिक्षा में पर्यावरण अनुकूलन एवं नई अन्वेषक तकनीकी से छात्रों को प्रशिक्षित करने पर रुद्रप्रयाग के शिक्षक सत्येंद्र भंडारी को शौर्य पुरस्कार देने की घोषणा की। शिक्षक को यह पुरस्कार 4 फरवरी को रुद्रप्रयाग में दिया जाएगा। यात्रा के संयोजक डॉ. गांववासी ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वोत्तम कार्य करने वाली प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें चिह्न्ति करना है।
इस मौके पर गढ़वाल विवि के भूगोल विभाग के प्राचार्य डॉ. मोहन सिंह पंवार ने सुझाव दिया कि शौर्य अभियान में परिचर्चा, संगोष्ठियों का आयोजन कर समस्याओं पर चर्चा की जानी चाहिए। भोपाल चौधरी ने कहा कि इस प्रकार का कार्यक्रम पलायन पर रोक लगाने में कारगर साबित होगा। पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि खेती को आर्थिकी से जोड़ने वाले युवाओं को इस अभियान में शामिल किया जाना चाहिए।
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बैठक में कमेटी ने स्कूली शिक्षा में पर्यावरण अनुकूलन एवं नई अन्वेषक तकनीकी से छात्रों को प्रशिक्षित करने पर रुद्रप्रयाग के शिक्षक सत्येंद्र भंडारी को शौर्य पुरस्कार देने की घोषणा की। शिक्षक को यह पुरस्कार 4 फरवरी को रुद्रप्रयाग में दिया जाएगा। यात्रा के संयोजक डॉ. गांववासी ने कहा कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सर्वोत्तम कार्य करने वाली प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें चिह्न्ति करना है।
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इस मौके पर गढ़वाल विवि के भूगोल विभाग के प्राचार्य डॉ. मोहन सिंह पंवार ने सुझाव दिया कि शौर्य अभियान में परिचर्चा, संगोष्ठियों का आयोजन कर समस्याओं पर चर्चा की जानी चाहिए। भोपाल चौधरी ने कहा कि इस प्रकार का कार्यक्रम पलायन पर रोक लगाने में कारगर साबित होगा। पर्वतीय विकास शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि खेती को आर्थिकी से जोड़ने वाले युवाओं को इस अभियान में शामिल किया जाना चाहिए।
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