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हिमवंत देश होला त्रियुगीनारेण, द्यवतों मां देव होला त्रियुगीनारेण...
Updated Thu, 07 Dec 2017 10:42 PM IST
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गोपेश्वर। मैठाणा में आयोजित चार दिवसीय अलकनंदा पर्यटन सांस्कृतिक ग्रामीण विकास मेले के तीसरे दिन विभिन्न कार्यक्रम हुए। मेले की सांस्कृतिक संध्या में गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों ने गीतों के माध्यम से पर्यावरण बचाओ का संदेश दिया। मेले का शुभारंभ उपायुक्त गढ़वाल हरक सिंह रावत ने किया। उन्होंने कहा कि मैठाणा से जिलासू तक रीवर राफ्टिंग की प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। उन्होंने मेले में स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाने का आह्वान किया।
ब्लॉक प्रमुख प्रमिला सजवाण ने कहा कि मैठाणा मेले को भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। यह मेला विभिन्न गांवों के मध्य में संचालित हो रहा है, जिससे आपसी भाईचारा भी बढे़गा। मेले में महिला मंगल दलों की रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता हुई, जिसमें मासौं गांव की महिलाओं ने प्रथम, सैकोट ने द्वितीय और मैठाणा की महिलाओं ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों ने तों डाल्यों ना काटा, वणों मां आग भी नीलाण मेरा वीरसिंगा गाने से पर्यावरण बचाओ का संदेश दिया। वहीं, जन जागृति कला मंच कुलसारी के कलाकारों ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिस पर दर्शक झूमते रहे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट, भगत सिंह बिष्ट, मेला अध्यक्ष चंडी प्रसाद थपलियाल, कमल किशोर सती, राकेश लाल खनेड़ा, सोहन सिंह रावत, कमलेश सजवाण आदि मौजूद थे। संचालन जीआईसी नंदप्रयाग के प्रवक्ता लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी ने किया।
ब्लॉक प्रमुख प्रमिला सजवाण ने कहा कि मैठाणा मेले को भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। यह मेला विभिन्न गांवों के मध्य में संचालित हो रहा है, जिससे आपसी भाईचारा भी बढे़गा। मेले में महिला मंगल दलों की रस्सा-कस्सी प्रतियोगिता हुई, जिसमें मासौं गांव की महिलाओं ने प्रथम, सैकोट ने द्वितीय और मैठाणा की महिलाओं ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों ने तों डाल्यों ना काटा, वणों मां आग भी नीलाण मेरा वीरसिंगा गाने से पर्यावरण बचाओ का संदेश दिया। वहीं, जन जागृति कला मंच कुलसारी के कलाकारों ने भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जिस पर दर्शक झूमते रहे। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रमुख नंदन सिंह बिष्ट, भगत सिंह बिष्ट, मेला अध्यक्ष चंडी प्रसाद थपलियाल, कमल किशोर सती, राकेश लाल खनेड़ा, सोहन सिंह रावत, कमलेश सजवाण आदि मौजूद थे। संचालन जीआईसी नंदप्रयाग के प्रवक्ता लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी ने किया।
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