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श्रमिक कानूनों में कटौती कर रही है प्रदेश और केद्र सरकार
Updated Sat, 25 Nov 2017 10:22 PM IST
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कर्णप्रयाग। भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सीपीआई (एम) के 12वें दो दिवसीय जिला सम्मेलन में पार्टी के नेताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर वार किए। कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सुविधाओं का निजीकरण कर पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है। यही नहीं नव उदारवादी नीतियों के चलते देश में कई जनकल्याणकारी योजनाएं बंद हो गई हैं।
शनिवार को शहीद की वेदी पर झंडारोहण और शहीदों की श्रद्धांजलि देने के बाद सम्मेलन का उद्घाटन पार्टी के राज्य सचिव कामरेड गंगाधर नौटियाल ने किया। उन्होंने कहा कि सरकारें किसानों को लाभकारी मूल्य तो दूर समर्थन मूल्य भी नहीं दे पा रही हैं। जनसंघर्षों से श्रमिकों के लिए जो कानून बनाए गए हैं आज उन कानूनों में कटौती की जा रही है। मनरेगा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाएं बजट की कमी के कारण बंद होने के कगार पर हैं। नोटबंदी और जीएसटी ने मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों की आर्थिकी कमजोर कर दी है। विकास के नाम पर भाजपा की सरकारें और आरएसएस धर्मवाद का नारा छेड़कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही हैं। सम्मेलन में समाज के पीड़ितों को लामबंद कर संघर्ष करने पर बल दिया गया। इस अवसर पर जिला मंत्री भूपाल सिंह रावत, राजपाल कन्याल, मोहन सिंह रावत, पुष्पा किमोठी, राजेंद्र सिंह नेगी, कुशल बिष्ट और मदन मिश्रा सहित कई लोग मौजूद थे।
शनिवार को शहीद की वेदी पर झंडारोहण और शहीदों की श्रद्धांजलि देने के बाद सम्मेलन का उद्घाटन पार्टी के राज्य सचिव कामरेड गंगाधर नौटियाल ने किया। उन्होंने कहा कि सरकारें किसानों को लाभकारी मूल्य तो दूर समर्थन मूल्य भी नहीं दे पा रही हैं। जनसंघर्षों से श्रमिकों के लिए जो कानून बनाए गए हैं आज उन कानूनों में कटौती की जा रही है। मनरेगा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाएं बजट की कमी के कारण बंद होने के कगार पर हैं। नोटबंदी और जीएसटी ने मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों की आर्थिकी कमजोर कर दी है। विकास के नाम पर भाजपा की सरकारें और आरएसएस धर्मवाद का नारा छेड़कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही हैं। सम्मेलन में समाज के पीड़ितों को लामबंद कर संघर्ष करने पर बल दिया गया। इस अवसर पर जिला मंत्री भूपाल सिंह रावत, राजपाल कन्याल, मोहन सिंह रावत, पुष्पा किमोठी, राजेंद्र सिंह नेगी, कुशल बिष्ट और मदन मिश्रा सहित कई लोग मौजूद थे।
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