{"_id":"5a032ced4f1c1bd1408b554e","slug":"15101576453-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों की लागत से बने नलकूल पड़े सालों से खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों की लागत से बने नलकूल पड़े सालों से खराब
Updated Wed, 08 Nov 2017 09:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हरिद्वार। गैंडीखाता गुर्जर बस्ती में सिचाई के लिए करोड़ों की लागत से लगा, गए नलकूप 10 वर्षों से खराब हैं। ऐसे में गैंडीखाता में खेत बंजर हो रहे हैं। गुर्जर बस्ती के लोगों ने विभागीय अधिकारियों को पत्र देकर नलकूप ठीक कराने की मांग की है।
वन गुर्जरों को गैडीखाता गुर्जर बस्ती में 881 परिवार को 10 बीघा प्रति परिवार के हिसाब से जमीन आवंटित की गई थी। उस जमीन की सिंचाई के लिए वर्ष 2006-07 राजाजी राष्ट्रीय पार्क पुनर्वासित योजना के तहत वन विभाग व नलकूप विभाग ने सिंचाई के लिए 5 बड़े ट्यूबवेल लगाए थे। ये नलकूप तीन महीने में ही खराब हो गए। उसके बाद से वन गुर्जरों को खेती करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वन गुर्जर इको समिति की तरफ से नलकूप सही कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र देने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। खेतों की सिंचाई न होने से कुछ लोगों भूमि बंजर पड़ती जा रही है। ग्रामीण मोहम्मद रफी, शफी लोधा, बाबु खटाना, गुलाम रसूल, जाकिर हुसैन, अकबर अली, मोहम्मद आलम शमशेर का कहना है कि नलकूप खराब होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है
वन गुर्जरों को गैडीखाता गुर्जर बस्ती में 881 परिवार को 10 बीघा प्रति परिवार के हिसाब से जमीन आवंटित की गई थी। उस जमीन की सिंचाई के लिए वर्ष 2006-07 राजाजी राष्ट्रीय पार्क पुनर्वासित योजना के तहत वन विभाग व नलकूप विभाग ने सिंचाई के लिए 5 बड़े ट्यूबवेल लगाए थे। ये नलकूप तीन महीने में ही खराब हो गए। उसके बाद से वन गुर्जरों को खेती करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वन गुर्जर इको समिति की तरफ से नलकूप सही कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र देने के बाद भी कार्रवाई नहीं की। खेतों की सिंचाई न होने से कुछ लोगों भूमि बंजर पड़ती जा रही है। ग्रामीण मोहम्मद रफी, शफी लोधा, बाबु खटाना, गुलाम रसूल, जाकिर हुसैन, अकबर अली, मोहम्मद आलम शमशेर का कहना है कि नलकूप खराब होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है
विज्ञापन