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अब हर चौथे दिन होगी समाज कल्याण और रेशम विभाग के कार्यों की समीक्षा
Updated Tue, 31 Oct 2017 10:34 PM IST
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गोपेश्वर। जिला व राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित और बाह्य सहायतित स्वीकृत योजनाओं के सापेक्ष अवमुक्त धनराशि की समीक्षा करते हुए डीएम आशीष जोशी ने अवमुक्त बजट खर्च करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला समाज कल्याण, वन व रेशम विभाग की ओर से अवमुक्त बजट के सापेक्ष बेहद कम धनराशि खर्च करने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने जिला विकास अधिकारी को सप्ताह में प्रत्येक चौथे दिन जिला समाज कल्याण विभाग और रेशम विभाग के कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
जिला सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि समाज कल्याण विभाग का अनुसूचित जाति छात्रावास एवं आश्रम पद्धति विद्यालयों के अनुरक्षण व सुदृढ़ीकरण मद में अक्तूबर माह तक खर्च शून्य है, जो गंभीर मामला है। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी पर नाराजगी जताई। रेशम विभाग की ओर से जिले में सिर्फ चार ब्लॉक में रेशम का पौधरोपण करने पर भी डीएम नारज हुए। उन्होंने जिले के सभी नौ ब्लॉक में रेशम के पौधे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला विकास अधिकारी को सप्ताह में प्रत्येक चौथे दिन जिला समाज कल्याण विभाग और रेशम विभाग के कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं के अंतर्गत स्वजल, जल संस्थान, लोनिवि और वन विभाग की ओर से गत वर्ष के अवशेष धनराशि को खर्च नहीं किया गया है। लोनिवि को बीएडीपी (सीमा क्षेत्र विकास योजना) के अंतर्गत हेलंग में निर्माणाधीन पुलिया के निर्माण कार्य को हर हाल में दिसंबर माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि समाज कल्याण विभाग का अनुसूचित जाति छात्रावास एवं आश्रम पद्धति विद्यालयों के अनुरक्षण व सुदृढ़ीकरण मद में अक्तूबर माह तक खर्च शून्य है, जो गंभीर मामला है। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी पर नाराजगी जताई। रेशम विभाग की ओर से जिले में सिर्फ चार ब्लॉक में रेशम का पौधरोपण करने पर भी डीएम नारज हुए। उन्होंने जिले के सभी नौ ब्लॉक में रेशम के पौधे लगाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला विकास अधिकारी को सप्ताह में प्रत्येक चौथे दिन जिला समाज कल्याण विभाग और रेशम विभाग के कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं के अंतर्गत स्वजल, जल संस्थान, लोनिवि और वन विभाग की ओर से गत वर्ष के अवशेष धनराशि को खर्च नहीं किया गया है। लोनिवि को बीएडीपी (सीमा क्षेत्र विकास योजना) के अंतर्गत हेलंग में निर्माणाधीन पुलिया के निर्माण कार्य को हर हाल में दिसंबर माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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