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खड़ा दिया अनुष्ठान के लिए 140 निसंतान दंपतियों ने कराया पंजीकरण
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:31 PM IST
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श्रीनगर। बैकुंठ चतुर्दशी के दिन कमलेश्वर मंदिर में खड़ा दीया अनुष्ठान के लिए 140 निसंतान दंपतियों ने पंजीकरण कराया है। मान्यता है कि कमलेश्वर मंदिर में बैकुंठ चतुर्दशी के दिन यह अनुष्ठान करने से संतान प्राप्ति होती है।
2 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी पर्व के अवसर पर कमलेश्वर मंदिर में खड़ा दीया अनुष्ठान आयोजित किया जाना है। अनुष्ठान की तैयारियों और व्यवस्थाओं के लिए मंदिर सेवा दल ने बैठक कराई। महंत आशुतोष पुरी ने बताया कि खड़ा दीया अनुष्ठान के लिए अब तक देश के विभिन्न राज्यों से 140 दंपतियों ने पंजीकरण कराया है। अनुष्ठान के दौरान पूजा सामग्री, श्रद्धालुओं के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था मंदिर की ओर से की जाएगी। मंदिर में ठहरने, भोजन व सफाई आदि व्यवस्थाओं के लिए सेवादल के सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
खड़ा दीया अनुष्ठान के तहत निसंतान दंपति जलते दीये को हाथ में लेकर रातभर खड़े रह कर भगवान शिव की स्तुति करते हैं। दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में अलकनंदा नदी में दीप दान किया जाता है। मान्यता है कि इस अनुष्ठान ने निसंतान दंपतियों को संतान प्राप्ति होती है।
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2 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी पर्व के अवसर पर कमलेश्वर मंदिर में खड़ा दीया अनुष्ठान आयोजित किया जाना है। अनुष्ठान की तैयारियों और व्यवस्थाओं के लिए मंदिर सेवा दल ने बैठक कराई। महंत आशुतोष पुरी ने बताया कि खड़ा दीया अनुष्ठान के लिए अब तक देश के विभिन्न राज्यों से 140 दंपतियों ने पंजीकरण कराया है। अनुष्ठान के दौरान पूजा सामग्री, श्रद्धालुओं के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था मंदिर की ओर से की जाएगी। मंदिर में ठहरने, भोजन व सफाई आदि व्यवस्थाओं के लिए सेवादल के सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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खड़ा दीया अनुष्ठान के तहत निसंतान दंपति जलते दीये को हाथ में लेकर रातभर खड़े रह कर भगवान शिव की स्तुति करते हैं। दूसरे दिन ब्रह्म मुहूर्त में अलकनंदा नदी में दीप दान किया जाता है। मान्यता है कि इस अनुष्ठान ने निसंतान दंपतियों को संतान प्राप्ति होती है।
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