फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   चिली स्मौक से खदेडे जा रहे आबादी से हाथी

चिली स्मौक से खदेडे जा रहे आबादी से हाथी

Tue, 24 Oct 2017 01:58 AM IST
Updated Tue, 24 Oct 2017 01:58 AM IST
विज्ञापन
चिली स्मौक से खदेडे जा रहे आबादी से हाथी
फोटो :
विज्ञापन

हाथियों को खदेड़ने में चिली स्मॉग तकनीक का इस्तेमाल
थानों, लच्छीवाला और बडकोट वन रेंज में किया जा रहा है मिर्च का धुआं
नवल किशोर यादव
डोईवाला (देहरादून)।
वन क्षेत्र वाले गांवों में हाथियों के उत्पात से ग्रामीण और वनकर्मी त्रस्त हैं। हाथियों के झुंड खेतों में फसल को नुकसान तो पहुंचाते ही हैं, आबादी में भी घुसकर नुकसान पहुंचाते हैं। अब हाथियों को आबादी से जंगल में खदेड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों ने चिली स्मॉग (मिर्च का धुआं) करना शुरू किया है। इसके लिए विभागीय कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई है। आदिवासियों की इस तकनीक को विभाग असरदार बता रहा है।
अब तक आबादी में घुसकर उत्पात मचाने वाले जंगली हाथियों को भगाने के लिए पटाखे और अन्य साधनों का प्रयोग किया जाता रहा है। उस समय हाथी भाग तो जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा आकर नुकसान करते हैं। इन हाथियों से जान-माल का खतरा रहता है। दून वन प्रभाग के लच्छीवाला, थानों और बडकोट में हाथियों के झुंड खेतों में खड़ी फसल को तहस-नहस कर देते हैं। इसके बाद हाथी आबादी में घुसकर लोगों पर हमला तक कर देते हैं।
विज्ञापन

वन विभाग ने अब चिली स्मॉग का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

छत्तीसगढ़ के एक्सपर्ट से सीखी तकनीक
हाथियों को रोकने के तमाम प्रयास बेअसर होने के बाद वन विभाग ने छत्तीसगढ़ स्थित सूरजगढ़ के एक्सपर्ट डा. रुद्रा से यह तकनीक सीखकर इस्तेमाल करनी शुरू की है। डॉ. रुद्रा की मदद से चिली स्मॉग कर हाथियों को खदेड़ना भी शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ से आदिवासियों के दल ने वन रेंजों में चिली स्मॉग को हाथी खदेड़ने का कारगर तरीका बताते हुए यहां हाथियों को खदेड़कर दिखाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चिली स्मॉग तकनीक
चिली स्मॉग के बारे में डॉ. रुद्रा ने बताया कि डंडे पर टाट की तीन परत बनाकर उस पर मिर्ची का लेप लगाया जाता है। उनको ऐसे स्थानों पर गाड़ दिया जाता है, जहां पर हाथियों की आमद अधिक रहती है। हाथियों के आने पर उनमें आग लगा दी जाती है, जिससे मिर्ची के धुएं से परेशान होकर हाथी वापस जंगल में भाग जाते हैं। आदिवासी दल ने वाहनों में इस्तेमाल हुए आयल में मिर्ची और तंबाकू की गंध से हाथियों को खदेड़ने की विधि भी कर्मचारियों को सिखाई है।


हाथियों को आबादी में आने से रोकने के लिए चिली स्मॉग विधि को अपनाया जा रहा है। यह तकनीक कारगर साबित हो रही है। वन कर्मचारियों को भी इस तकनीक से दक्ष कर दिया गया है।
- घनानंद उनियाल, वन क्षेत्राधिकारी, लच्छीवाला रेंज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed