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शिल्पकारों को आवंटित दुकाने दूसरों के कब्जे में
Updated Sun, 22 Oct 2017 10:38 PM IST
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कीर्तिनगर। सरकार ने शिल्पकला और शिल्पकारों के संरक्षण के लिए कीर्तिनगर बाजार में दुकानें बनाकर मामूली किराये पर दुकानें आवंटित की। जहां सिलाई-कताई और पहाड़ी शिल्प का काम होना था। वहां अब मुर्गे-बकरे कट रहे हैं या आवासीय भवन बन गए हैं।
वर्ष 1985 में टिहरी जिले की नगर पंचायत कीर्तिनगर के मुख्य बाजार में समाज कल्याण की ओर से 8 दुकानों का निर्माण कराया गया। मकसद था स्थानीय शिल्प कला (तांबे की नक्काशी, लुहार, बढ़ई, कपड़े की सिलाई व कढ़ाई) का संरक्षण के साथ ही शिल्पकारों के रोजगार के साधन उपलब्ध कराना, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। विभाग की लचर कार्यप्रणाली से आवंटियों ने नियमविरुद्ध चुपचाप यह दुकान दूसरे लोगों के हवाले कर दी। फलस्वरूप यहां इन दुकानों में आज किसी भी तरह का शिल्पकला का काम नहीं हो रहा है। किसी दुकान में मांस बिक रहा है, तो कहीं आवासीय भवन खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ आवंटी आज दुनिया में नहीं हैं। उनके परिजन इन दुकानों का किराया ले रहे हैं। कुछ ने दुकानें बेच डाली हैं। जहां आवासीय भवन खड़े हो गए हैं। नगर पंचायतों के मानकों पर खरा न उतरने पर इनको नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
कोट
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभाग ने जांच की है। आवंटित दुकानों को बेचने व खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। संबंधित रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। रणजीत सिंह बत्र्वाल, एडीओ समाज कल्याण विभाग कीर्तिनगर
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मेरे संज्ञान में ऐसा मामला नहीं है। यदि ऐसा है, तो एसडीएम के माध्यम से जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सोनिका, डीएम टिहरी
जारी
वर्ष 1985 में टिहरी जिले की नगर पंचायत कीर्तिनगर के मुख्य बाजार में समाज कल्याण की ओर से 8 दुकानों का निर्माण कराया गया। मकसद था स्थानीय शिल्प कला (तांबे की नक्काशी, लुहार, बढ़ई, कपड़े की सिलाई व कढ़ाई) का संरक्षण के साथ ही शिल्पकारों के रोजगार के साधन उपलब्ध कराना, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। विभाग की लचर कार्यप्रणाली से आवंटियों ने नियमविरुद्ध चुपचाप यह दुकान दूसरे लोगों के हवाले कर दी। फलस्वरूप यहां इन दुकानों में आज किसी भी तरह का शिल्पकला का काम नहीं हो रहा है। किसी दुकान में मांस बिक रहा है, तो कहीं आवासीय भवन खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि कुछ आवंटी आज दुनिया में नहीं हैं। उनके परिजन इन दुकानों का किराया ले रहे हैं। कुछ ने दुकानें बेच डाली हैं। जहां आवासीय भवन खड़े हो गए हैं। नगर पंचायतों के मानकों पर खरा न उतरने पर इनको नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
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कोट
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभाग ने जांच की है। आवंटित दुकानों को बेचने व खरीदने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। संबंधित रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। रणजीत सिंह बत्र्वाल, एडीओ समाज कल्याण विभाग कीर्तिनगर
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मेरे संज्ञान में ऐसा मामला नहीं है। यदि ऐसा है, तो एसडीएम के माध्यम से जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सोनिका, डीएम टिहरी
जारी