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दो साल में नहीं बन पाए पुल के एबेटमेंट
Updated Wed, 18 Oct 2017 09:38 PM IST
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कर्णप्रयाग। कपीरी पट्टी के दर्जनों गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए निर्माणाधीन पुल दो साल में भी नहीं बन पाया है। विभागीय लापरवाही के चलते पुल का काम कछुवा गति से हो रहा है। स्थिति यह है कि दो साल में अभी तक पुल का एक ही एबेटमेंट बन पाया है। ग्रामीणों ने जल्द पुल निर्माण पूरा करने की मांग की।
ब्लाक के कपीरी पट्टी के सेरागाड़, स्यान, गुनाड़, सुणाई, पाडली, ह्यूंणा, खत्याड़ी सहित आसपास के गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए दो साल पहले पुल की स्वीकृति मिली और काम भी शुरू हो गया। यहां पर लोनिवि गौचर की ओर से करीब 66 मीटर स्पान का मोटर पुल निर्माणाधीन है, लेकिन दो साल से विभाग इस मोटर पुल का महज एक एबेटमेंट ही तैयार कर पाया है। सेरागाड़ सड़क निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोरी प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत के चलते तीन करोड़ के इस पुल का निर्माण कार्य कछुवा गति से किया जा रहा है। पुल नहीं बनने से लोगों को ब्लाक तक जाने के लिए तीन से सात किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के लंबे आंदोलन और चक्काजाम करने के बाद पुल और सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। दूसरी ओर सहायक अभियंता एमएस रावत ने बताया कि पुल का एक एबेटमेंट तैयार हो चुका है, जबकि दूसरे का काम शुरू कर दिया है। ठेकेदार को जल्द पुल निर्माण करने के लिए निर्देशित किया गया है।
ब्लाक के कपीरी पट्टी के सेरागाड़, स्यान, गुनाड़, सुणाई, पाडली, ह्यूंणा, खत्याड़ी सहित आसपास के गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए दो साल पहले पुल की स्वीकृति मिली और काम भी शुरू हो गया। यहां पर लोनिवि गौचर की ओर से करीब 66 मीटर स्पान का मोटर पुल निर्माणाधीन है, लेकिन दो साल से विभाग इस मोटर पुल का महज एक एबेटमेंट ही तैयार कर पाया है। सेरागाड़ सड़क निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष किशोरी प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत के चलते तीन करोड़ के इस पुल का निर्माण कार्य कछुवा गति से किया जा रहा है। पुल नहीं बनने से लोगों को ब्लाक तक जाने के लिए तीन से सात किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के लंबे आंदोलन और चक्काजाम करने के बाद पुल और सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। दूसरी ओर सहायक अभियंता एमएस रावत ने बताया कि पुल का एक एबेटमेंट तैयार हो चुका है, जबकि दूसरे का काम शुरू कर दिया है। ठेकेदार को जल्द पुल निर्माण करने के लिए निर्देशित किया गया है।
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