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उपभोक्ता फोरम ने दिए पांच लाख की बीमा राशि के भुगतान के आदेश
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:39 PM IST
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गोपेश्वर। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा राशि भुगतान के एक मामले में सुनवाई करते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम को उपभोक्ता को पांच लाख रुपये की बीमा राशि के भुगतान के आदेश दिए हैं। साथ ही 20 हजार मानसिक, आर्थिक क्षति और पांच हजार की धनराशि वाद व्यय के रूप में भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
मामला वर्ष 2011 का है। शोभा रावत पत्नी स्वर्गीय कमल सिंह रावत के अनुसार उनके पति की ओर से 28 जून 2011 को एलआईसी से ढाई-ढाई लाख की दो बीमा पॉलिसियां की गईं। इसके लिए उनके द्वारा दो किस्तों में 12010 रुपये की धनराशि जमा की गई। बीमा पॉलिसी में कमल सिंह ने अपनी पुत्रियों पिंकी और रिंकी को नामित किया था। 16 जून 2012 को कमल सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद परिवादी की ओर से जब पॉलिसी क्लेम किया गया तो एलआईसी की ओर से पॉलिसी क्लेम को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद मृतक की पत्नी शोभा रावत ने मामले में उपभोक्ता फोरम में पॉलिसी क्लेम के लिए गुहार लगाई। इसके बाद साक्ष्यों, दस्तावेजों के आधार पर हुई बहस को सुनने के बाद जिला फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम को नामित बेटियों को 5 लाख रुपये की बीमा की राशि के साथ ही 6 फीसदी ब्याज, 20 हजार मानसिक-आर्थिक क्षति और पांच हजार की धनराशि वाद व्यय के रूप में 45 दिन के भीतर भुगतान करने के आदेश दिए हैं। निर्णय जिला जज एवं अध्यक्ष जिला उपभोक्ता फोरम प्रदीप पंत, सदस्य क्रांति भट्ट और रैजा चौधरी ने सुनाया।
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मामला वर्ष 2011 का है। शोभा रावत पत्नी स्वर्गीय कमल सिंह रावत के अनुसार उनके पति की ओर से 28 जून 2011 को एलआईसी से ढाई-ढाई लाख की दो बीमा पॉलिसियां की गईं। इसके लिए उनके द्वारा दो किस्तों में 12010 रुपये की धनराशि जमा की गई। बीमा पॉलिसी में कमल सिंह ने अपनी पुत्रियों पिंकी और रिंकी को नामित किया था। 16 जून 2012 को कमल सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद परिवादी की ओर से जब पॉलिसी क्लेम किया गया तो एलआईसी की ओर से पॉलिसी क्लेम को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद मृतक की पत्नी शोभा रावत ने मामले में उपभोक्ता फोरम में पॉलिसी क्लेम के लिए गुहार लगाई। इसके बाद साक्ष्यों, दस्तावेजों के आधार पर हुई बहस को सुनने के बाद जिला फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम को नामित बेटियों को 5 लाख रुपये की बीमा की राशि के साथ ही 6 फीसदी ब्याज, 20 हजार मानसिक-आर्थिक क्षति और पांच हजार की धनराशि वाद व्यय के रूप में 45 दिन के भीतर भुगतान करने के आदेश दिए हैं। निर्णय जिला जज एवं अध्यक्ष जिला उपभोक्ता फोरम प्रदीप पंत, सदस्य क्रांति भट्ट और रैजा चौधरी ने सुनाया।
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