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प्रतिमाह लाखों कमाने वाले नहीं दे रहे भवन कर
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:03 PM IST
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श्रीनगर। प्रतिमाह लाखों का व्यवसाय करने वाले व्यापारी नगर पालिका का भवन कर चुकाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। शहर के आठ बड़े व्यापारियों पर 14 लाख से अधिक का भवन कर बकाया है। पालिका ने इस सभी व्यवसायियों से वसूली के लिए आरसी जिलाधिकारी को भेज दी है।
शहर क्षेत्र के व्यवसायी नगर पालिका को भवन कर भुगतान नहीं कर रहे है। भवनकर के सबसे बड़ी धनराशि के बकाएदारों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक कांप्लेक्स स्वामी हैं। कांप्लेक्स में एसबीआई की शाखा सहित वेडिंग प्वाइंट व लॉज संचालित हो रहा है। उक्त कांप्लेक्स स्वामी पर 5 लाख 40 हजार का भवन कर बकाया है। जबकि व्यापार सभा के एक पूर्व पदाधिकारी पर भी 1 लाख 47 हजार का भवन कर बकाया है। इसके अलावा शहर के एक प्रमुख होटल व्यवसायी पर भी 1 लाख 61 हजार का भवन कर बकाया है। इसके अलावा एक हार्डवियर व्यवसायी पर भी 1 लाख 48 हजार का भवन कर बकाया है। पालिका प्रशासन का कहना है कि उक्त बकाएदार वर्षों से भवनकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं। जबकि इस संबंध में इनको कई बार नोटिस भी दिया गया था। पालिका प्रशासन ने बताया कि अब इन 8 बड़े बकाएदारों से वसूली के लिए आरसी जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
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शहर क्षेत्र के व्यवसायी नगर पालिका को भवन कर भुगतान नहीं कर रहे है। भवनकर के सबसे बड़ी धनराशि के बकाएदारों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक कांप्लेक्स स्वामी हैं। कांप्लेक्स में एसबीआई की शाखा सहित वेडिंग प्वाइंट व लॉज संचालित हो रहा है। उक्त कांप्लेक्स स्वामी पर 5 लाख 40 हजार का भवन कर बकाया है। जबकि व्यापार सभा के एक पूर्व पदाधिकारी पर भी 1 लाख 47 हजार का भवन कर बकाया है। इसके अलावा शहर के एक प्रमुख होटल व्यवसायी पर भी 1 लाख 61 हजार का भवन कर बकाया है। इसके अलावा एक हार्डवियर व्यवसायी पर भी 1 लाख 48 हजार का भवन कर बकाया है। पालिका प्रशासन का कहना है कि उक्त बकाएदार वर्षों से भवनकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं। जबकि इस संबंध में इनको कई बार नोटिस भी दिया गया था। पालिका प्रशासन ने बताया कि अब इन 8 बड़े बकाएदारों से वसूली के लिए आरसी जिलाधिकारी को भेज दी गई है।
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