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अब नंदप्रयाग की जनता ने किया गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने का विरोध
Updated Mon, 02 Oct 2017 10:55 PM IST
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जोशीमठ/नंदप्रयाग। जोशीमठ के बाद अब मंगरोली, सोनला, मासौं और पुरसाड़ी गांव के ग्रामीणों ने उनके गांवों को नगर पंचायत नंदप्रयाग में शामिल करने का विरोध किया है।
28 सितंबर को राज्य मंत्री मंडल की बैठक में नगर पंचायत नंदप्रयाग के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। क्षेत्र के समीपवर्ती मंगरोली, सोनला, मासौं और पुरसाड़ी गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने की योजना है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। मंगरोली गांव के प्रधान तेजवीर कंडेरी, मंगल सिंह कंडेरी, गंगा सिंह झिंक्वाण, अब्बल सिंह कंडेरी, सुनील कंडेरी, गजेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान दरवान सिंह, चेता देवी, भुवनेश्वरी, भागीरथी और मथुरा देवी का कहना है कि गांवों के नगर पंचायत में शामिल होने से मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजना बंद हो जाएगी। इधर, डीएम आशीष जोशी का कहना है कि नगर पंचायत नंदप्रयाग के सीमा विस्तार को शासन की मंजूरी मिली है। ग्रामीणों की ओर से प्राप्त विरोध प्रस्ताव को शासन को भेज दिया जाएगा। वहीं, जोशीमठ में अपने गांवों को पालिका में शामिल न करने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत बड़ागांव, मेरग, सेलंग और पैनी के ग्रामीणों का क्रमिक अनशन 22वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर प्रधान हेमा देवी, उमा देवी, कुशल कम्दी, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह राणा, सुखदेव सिंह, पुष्कर सिंह भुंजवाण, संतोष चौहान, मनमोहन सिंह, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, रमेश लाल आदि मौजूद थे।
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28 सितंबर को राज्य मंत्री मंडल की बैठक में नगर पंचायत नंदप्रयाग के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। क्षेत्र के समीपवर्ती मंगरोली, सोनला, मासौं और पुरसाड़ी गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने की योजना है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। मंगरोली गांव के प्रधान तेजवीर कंडेरी, मंगल सिंह कंडेरी, गंगा सिंह झिंक्वाण, अब्बल सिंह कंडेरी, सुनील कंडेरी, गजेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान दरवान सिंह, चेता देवी, भुवनेश्वरी, भागीरथी और मथुरा देवी का कहना है कि गांवों के नगर पंचायत में शामिल होने से मनरेगा जैसी कल्याणकारी योजना बंद हो जाएगी। इधर, डीएम आशीष जोशी का कहना है कि नगर पंचायत नंदप्रयाग के सीमा विस्तार को शासन की मंजूरी मिली है। ग्रामीणों की ओर से प्राप्त विरोध प्रस्ताव को शासन को भेज दिया जाएगा। वहीं, जोशीमठ में अपने गांवों को पालिका में शामिल न करने की मांग को लेकर ग्राम पंचायत बड़ागांव, मेरग, सेलंग और पैनी के ग्रामीणों का क्रमिक अनशन 22वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर प्रधान हेमा देवी, उमा देवी, कुशल कम्दी, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण सिंह राणा, सुखदेव सिंह, पुष्कर सिंह भुंजवाण, संतोष चौहान, मनमोहन सिंह, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, रमेश लाल आदि मौजूद थे।
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