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ग्रामीणों की छह महीने की कड़ी मेहनत पर जंगली सूअरों का कब्जा
Updated Fri, 29 Sep 2017 10:27 PM IST
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श्रीनगर (ब्यूरो)। मौसम की मेहरबानी से इस साल क्षेत्र में धान, झंगोरा, मंडुवा व चौलाई की अच्छी फसल उगी है, लेकिन कटने को तैयार फसल को जंगली सुअरों की टोली चौपट कर दे रही है।
ग्रामीण कलम सिंह का कहना है कि जानवरों को खेतों से भगाने पर वे काटने को दौड़ रहे हैं। सुरजन सिंह कहते हैं कि वह बड़े स्तर पर अदरक की खेती करते है, लेकिन सुअर अदरक खोदकर तहस-नहस कर रहे हैं। ग्रामीण विजेंद्र सिंह कहते हैं कि विभाग से जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग की है। ढुंडसिर क्षेत्र के बुजुर्ग बचन सिंह बताते हैं कि बंदर जहां खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं बस्ती में घुस कर लोगों को काटने को दौड़ रहे हैं। ग्रामीण विजय सिंह का कहना है कि उनका गांव मोटर मार्ग से आठ किमी दूर है। गांव के लोग खेती पर ही निर्भर है। ऐसे में यदि पकी फसल को जंगली जानवर बर्बाद करेंगे, तो भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।
ग्रामीण कलम सिंह का कहना है कि जानवरों को खेतों से भगाने पर वे काटने को दौड़ रहे हैं। सुरजन सिंह कहते हैं कि वह बड़े स्तर पर अदरक की खेती करते है, लेकिन सुअर अदरक खोदकर तहस-नहस कर रहे हैं। ग्रामीण विजेंद्र सिंह कहते हैं कि विभाग से जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग की है। ढुंडसिर क्षेत्र के बुजुर्ग बचन सिंह बताते हैं कि बंदर जहां खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं बस्ती में घुस कर लोगों को काटने को दौड़ रहे हैं। ग्रामीण विजय सिंह का कहना है कि उनका गांव मोटर मार्ग से आठ किमी दूर है। गांव के लोग खेती पर ही निर्भर है। ऐसे में यदि पकी फसल को जंगली जानवर बर्बाद करेंगे, तो भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।
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