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जानलेवा बनी चालीस गांवों को यातायात से जोड़ने
Updated Fri, 29 Sep 2017 10:39 PM IST
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गोपेश्वर। दशोली ब्लॉक के चालीस गांवों को यातायात से जोड़ने वाली 23.9 किमी चमोली-सरतोली सड़क कई जगहों पर जानलेवा बनी है। रांगतोली में सड़क इतनी खतरनाक है कि ग्रामीण वाहन में जाने के बजाय पैदल चलने में ही भलाई समझते हैं।
वर्ष 1997 में चमोली-सरतोली सड़क की स्वीकृति मिली थी। शुरुआत में सड़क का निर्माण नौ किलोमीटर लस्यारी गांव तक हुआ। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2008 में लस्यारी से सरतोली तक सड़क का विस्तार किया गया, जिसमें सवा किमी सड़क लोनिवि और 13.9 किमी सड़क निर्माण कार्य पीएमजीएसवाई को सौंपा गया। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़क पर हिल कटिंग के अलावा कोई काम नहीं हुआ। रांगतोली भूस्खलन क्षेत्र में सड़क के हिल साइड नाली निर्माण न होने से यहां वाहनों की आवाजाही खतरनाक बनी है। जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद सिंह फस्त्रवाण और पूर्व सैनिक गंभीर सिंह बिष्ट का कहना है कि सड़क न बनने से हरमनी, रांगतोली, लासी, लस्यारी, मजोठी, मैड़, ठेली, सरतोली, भतंग्याला, सेम-डुंग्रा, नवा सहित 40 गांव के पांच हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। सड़क के संरक्षण का जिम्मा लोनिवि, एडीबी व पीएमजीएसवाई के पास है, लेकिन तीनों विभागों की ओर से सड़क पर बजट तो खर्च किया जा रहा है। इसके बाद भी सड़क बदहाल बनी है। कई जगहों पर डामर उखड़ चुका है। वहीं डीएम आशीष जोशी का कहना है कि तीनों निर्माणदायी विभागों से सड़क की रिपोर्ट मांगी जाएगी। जिन स्थानों पर सड़क खस्ताहाल में है, वहां सुधारीकरण कार्य करवाया जाएगा।
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